विशाखापट्टनम : पर्यटन के नक्शे पर चमका छत्तीसगढ़, देश का 'बेस्ट इमर्जिंग टूरिस्ट डेस्टिनेशन' बना
OM Darpan
41वें IATO सम्मेलन में छत्तीसगढ़ को मिला गौरवपूर्ण सम्मान, देश के बड़े पर्यटन दिग्गजों के बीच प्रदेश ने दर्ज कराई मौजूदगी
✍️ विशेष संवाददाता
विशाखापट्टनम | छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अनूठी जनजातीय परंपराओं ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपना लोहा मनवाया है। विशाखापट्टनम में आयोजित 41वें इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (IATO) के वार्षिक सम्मेलन में छत्तीसगढ़ को ‘Best Emerging Tourist Destination’ के प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया। इस राष्ट्रीय मंच पर प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं और भविष्य की योजनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिससे देशभर से आए पर्यटन उद्योग के प्रतिनिधियों के बीच छत्तीसगढ़ ने अपनी एक अलग पहचान बनाई।
विशाखापट्टनम में चार दिवसीय पर्यटन महाकुंभ
विशाखापट्टनम स्थित नोवोटेल वरुण बीच में 10 से 13 सितंबर तक यह चार दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इस वर्ष सम्मेलन की विषय-वस्तु ‘भारत—विश्व के पर्यटन अवसरों का अगला बड़ा केंद्र’ रखी गई थी। इस आयोजन में देश के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने पर गहन मंथन हुआ। छत्तीसगढ़ ने इस मंच का उपयोग अपनी विविधतापूर्ण पर्यटन क्षमता को रेखांकित करने के लिए किया।
केंद्रीय मंत्री और दिग्गजों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू, आंध्र प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री कंदुला दुर्गेश और आंध्र प्रदेश सरकार के विशेष मुख्य सचिव शमशेर सिंह रावत सहित पर्यटन उद्योग के कई बड़े नाम शामिल हुए। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने भी इस सम्मेलन में हिस्सा लिया और प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान नीलू शर्मा को विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया।
बस्तर से सिरपुर तक की झलक ने मोहा मन
सम्मेलन के दौरान एक प्रभावशाली वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से छत्तीसगढ़ के बस्तर के जलप्रपातों, घने जंगलों, सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत और दंतेवाड़ा की धार्मिक आस्था को दिखाया गया। ट्रैवल एजेंट्स और टूर ऑपरेटर्स के सामने छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति, वन्यजीव और साहसिक पर्यटन के आकर्षणों को पेश किया गया। प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ को अपनी नई ट्रैवल इटिनरी में शामिल करने के लिए आमंत्रित किया गया, जिससे स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और आर्थिक विकास के नए रास्ते खुल सकें।
बिजनेस बैठकों में दिखा छत्तीसगढ़ का क्रेज
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के पवेलियन में ट्रैवल ट्रेड प्रतिनिधियों की भारी भीड़ देखी गई। 11 और 12 सितंबर को आयोजित भारतीय पर्यटन मेले के दौरान टूर ऑपरेटर्स ने बी-टू-बी बैठकों में हिस्सा लिया और प्रदेश के टूरिज्म पैकेज और डेस्टिनेशंस पर विस्तार से चर्चा की। 13 सितंबर को आयोजित समापन समारोह में जब छत्तीसगढ़ को 'Best Emerging Tourist Destination' का पुरस्कार मिला, तो यह राज्य के पर्यटन विकास के विजन पर राष्ट्रीय मुहर की तरह उभरा।
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