पीएम आवास योजना में गड़बड़ी पर डिप्टी सीएम शर्मा सख्त, कवर्धा में दो ठेकेदारों पर एफआईआर दर्ज
OM Darpan
रायपुर/कवर्धा
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों के घर निर्माण में कोताही और धोखाधड़ी करने वालों की अब खैर नहीं है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कल इस मामले में बेहद सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि हितग्राहियों के हक की राशि का दुरुपयोग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शासन की इस सख्ती का सीधा असर कबीरधाम जिले में देखने को मिला है, जहां गरीबों को पक्के मकान का झांसा देकर लाखों रुपये डकारने वाले दो अलग-अलग ठेकेदारों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
नौ भोले-भाले हितग्राहियों से पांच लाख की ठगी
कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत ग्रामीणों से धोखाधड़ी का यह बड़ा मामला सामने आया है। यहां आवास निर्माण के नाम पर नौ हितग्राहियों से कुल 5 लाख 9 हजार रुपये की ठगी की गई। ठेकेदारों ने पैसे तो ले लिए, लेकिन लंबे समय तक निर्माण कार्य शुरू ही नहीं किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए चिल्फी और तरेगांव जंगल थाने में पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है।
डेढ़ साल से काट रहे थे चक्कर, अब मेरावी पर केस दर्ज
पहला मामला ग्राम पंचायत राजाढ़ार का है। यहां पांच हितग्राहियों से मकान बनाने के नाम पर कुल 3 लाख 20 हजार रुपये लिए गए थे। इनमें देवसिंह, मंधोर बाई, पुसीया बाई और ननकी बाई से 60-60 हजार और कौशिल्या बाई से 80 हजार रुपये ठेकेदार कुमार मेरावी ने ऐंठे थे। लगभग डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी जब न तो घर बना और न ही पैसे वापस मिले, तब पीड़ितों ने लिखित शिकायत की। पुलिस ने 14 अक्टूबर को ठेकेदार मेरावी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
आमानारा पंचायत में तुमेश गोड़ पर भी गिरी गाज
इसी तरह की ठगी ग्राम पंचायत आमानारा में भी सामने आई। यहां चार हितग्राहियों से कुल 1 लाख 89 हजार रुपये हड़पने के आरोप में ठेकेदार तुमेश गोड़ के खिलाफ 13 अक्टूबर को तरेगांव जंगल थाने में मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के मुताबिक, बैसाखू बैगा से 64 हजार, सुकोर बाई से 60 हजार, सोनिया बाई से 45 हजार और रनो बाई से 20 हजार रुपये लिए गए थे। पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 420 के तहत एफआईआर दर्ज की है।
दोषियों को नहीं मिलेगी कोई रियायत
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कल स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि यह योजना केवल मकान बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि विशेष रूप से दूरस्थ वनांचलों में रहने वाली पिछड़ी जनजातियों के जीवन में सुरक्षा और सम्मान लाने का माध्यम है। गरीब और जरूरतमंद हितग्राहियों को बहला-फुसलाकर उनकी राशि डकारना एक अत्यंत गंभीर अपराध है। उन्होंने चेताया है कि निर्माण में किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
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