'बिहान' योजना से बदली जिंदगी: बीसी सखी बनकर ग्रामीणों को घर बैठे बैंकिंग सुविधा दे रहीं सनीता
OM Darpan
कोंडागांव।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं तेजी से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं। कोंडागांव जिले के बड़ेराजपुर विकासखंड के ग्राम बालेंगा की रहने वाली सनीता सलाम इसका एक बेहतरीन उदाहरण हैं। वह वर्ष 2018 से 'पूजा स्व सहायता समूह' से जुड़कर बैंकिंग सखी (बीसी सखी) के रूप में कार्य कर रही हैं और सुदूर इलाकों में ग्रामीणों के लिए बैंकिंग सुविधाओं को सुलभ बना रही हैं।
बुजुर्गों को मिली बड़ी राहत
सनीता ग्राम बालेंगा, किबड़ा और हरवेल समेत आसपास के गांवों में लोगों को उनके गांव में ही बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। वह विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को पैसे निकालने, पेंशन, बीमा और अन्य बैंकिंग कार्यों में मदद करती हैं। इससे ग्रामीणों का बैंक तक आने-जाने का समय और पैसा दोनों बच रहा है। खासकर गांव के बुजुर्गों के लिए घर के पास यह सुविधा काफी लाभदायक साबित हो रही है।
स्कूटी खरीद बढ़ाई सेवाओं की रफ्तार
इस कार्य से सनीता हर महीने करीब आठ से दस हजार रुपये की आमदनी प्राप्त कर रही हैं। अपनी इसी कमाई से उन्होंने एक स्कूटी भी खरीदी है, जिससे गांवों में घूम-घूमकर बैंकिंग सेवाएं पहुंचाना उनके लिए और भी सुविधाजनक हो गया है। इसके अलावा, इस आय से उनके बच्चों की शिक्षा में भी काफी आर्थिक मदद मिल रही है। सनीता बताती हैं कि इस मिशन से जुड़कर उन्हें न केवल आत्मनिर्भर बनने का मौका मिला, बल्कि ग्रामीण समुदाय की सेवा करने का भी एक बड़ा अवसर प्राप्त हुआ है।
जरूरी खबरें
विज्ञापन