22 अक्टूबर 2026 |
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वीबी-जी राम जी योजना से संवर रही धमतरी के गांवों की तस्वीर, मजदूरों का थमा पलायन

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OM Darpan

Oct 22, 2026 04:59 pm 412 views
वीबी-जी राम जी योजना से संवर रही धमतरी के गांवों की तस्वीर, मजदूरों का थमा पलायन

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धमतरी। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में आजीविका और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए संचालित ‘वीबी-जी राम जी योजना’ धमतरी जिले में मील का पत्थर साबित हो रही है। इस योजना ने न केवल गांवों की दशा और दिशा बदल दी है, बल्कि स्थानीय स्तर पर ही नियमित रोजगार मुहैया कराकर मजदूरों के अन्य राज्यों या शहरों की ओर होने वाले पलायन पर काफी हद तक रोक लगा दी है। इसके जरिए गांवों में स्वावलंबन और समावेशी विकास का एक बेहतर मॉडल तैयार हो रहा है।

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जल संरक्षण और स्वच्छता पर विशेष जोर

जिले के चारों विकासखंडों- धमतरी, कुरुद, मगरलोड और नगरी में योजना के तहत निर्माण व जीर्णोद्धार के काम तेजी से चल रहे हैं। भू-जल स्तर को बढ़ाने और वर्षा जल संचयन के लिए गांवों में आजीविका डबरी के साथ-साथ निजी व सामुदायिक तालाब बनाए जा रहे हैं। लोगों को साफ पानी मिले, इसके लिए जल स्रोतों में सैंड फिल्टर का निर्माण किया गया है। ग्रामीण स्वच्छता और गरिमा को प्राथमिकता देते हुए छात्राओं के लिए विशेष बालिका शौचालय बनाए गए हैं। इसके अलावा जल निकासी दुरुस्त करने के लिए नालियों की सफाई व गहरीकरण तथा गांवों में मुक्तिधाम शेड बनाने का काम भी निरंतर जारी है।


प्रतिदिन 300 रुपए मजदूरी, समय पर हो रहा भुगतान

इस योजना ने श्रमिक परिवारों की आर्थिक स्थिति को एक बड़ा संबल दिया है। अपने ही गांव में नियमित काम मिल जाने से मजदूरों की जिंदगी में स्थायित्व आया है। योजना के तहत काम करने वाले मजदूरों को प्रतिदिन 300 रुपए की निर्धारित मजदूरी दी जा रही है। तय नियम के अनुसार मजदूरी का भुगतान भी समय पर हो रहा है, जिससे श्रमिक परिवार अपने दैनिक खर्चों और बच्चों की जरूरतों को आसानी से पूरा कर पा रहे हैं। इस तरह गांवों में रोजगार के साथ-साथ टिकाऊ संपत्तियों का भी निर्माण हो रहा है।


गुणवत्ता और पारदर्शिता पर प्रशासन की नजर

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ने बताया कि इस योजना का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण करना और स्थानीय स्तर पर आजीविका पैदा करना है। उन्होंने विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को अत्यंत जरूरी बताया, ताकि इन संपत्तियों का दीर्घकालिक लाभ ग्रामीणों को मिल सके। कार्यों की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो और मजदूरों को समय पर भुगतान मिले, इसके लिए जिले में चल रहे सभी विकास कार्यों पर निरंतर प्रशासनिक निगरानी भी रखी जा रही है।

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