गांवों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों से आई क्रांति: 41 करोड़ रुपये से अधिक का हुआ सफल लेनदेन
OM Darpan
कबीरधाम। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ अब समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित अटल डिजिटल सुविधा केंद्र सेवा संकल्प अभियान को साकार कर रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को अब वित्तीय लेनदेन के लिए मीलों दूर जाने की आवश्यकता नहीं है। गांव में ही महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत मजदूरी, स्वच्छ भारत अभियान की प्रोत्साहन राशि और विभिन्न पेंशन योजनाओं का नकद लाभ सीधे ग्रामीणों को मिल रहा है। इससे उनके समय, श्रम और धन की भारी बचत हो रही है।
स्थायी समाधान से दूर हुई परेशानी
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पक्का घर बनाने के लिए एक लाख बीस हजार रुपये तथा प्रधानमंत्री जनमन आवास के लिए दो लाख रुपये की राशि अलग-अलग किस्तों में सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में दी जाती है। पहले ग्रामीणों को यह सहायता राशि निकालने के लिए पंद्रह से बीस किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। इसमें पूरे दिन का समय लगता था और आने-जाने में सौ से दो सौ रुपये का अतिरिक्त खर्च होता था। अब गांव में ही सुविधा केंद्र खुलने से इन सभी समस्याओं का स्थायी समाधान एक ही छत के नीचे हो गया है।
समय, श्रम और धन की हो रही बचत
जिला पंचायत कबीरधाम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि जिले के 307 स्थानों पर इन सुविधा केंद्रों का विस्तार किया जा चुका है। ग्राम स्तरीय उद्यमियों द्वारा डिजिटल भुगतान प्रणालियों की सहायता से इन केंद्रों का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। योजना के प्रारंभ से लेकर अब तक इन केंद्रों के माध्यम से कुल 2,30,425 लेनदेन हुए हैं। इन माध्यमों से ग्रामीणों को 41 करोड़ 30 लाख 90 हजार 555 रुपये का भुगतान किया गया है। यह आंकड़े प्रमाणित करते हैं कि ग्रामीण जनता को शासकीय योजनाओं का सीधा और सुलभ लाभ मिल रहा है।
स्थानीय स्तर पर मिल रही तमाम जरूरी सुविधाएं
जिले के सभी 307 सुविधा केंद्रों से न केवल नगद निकासी, बल्कि किसान सम्मान निधि, पेंशन, छात्रवृत्ति और आवास योजना की राशि प्राप्त करने की सुविधा मिल रही है। इसके अतिरिक्त ग्रामीणों को जमीन का बी-एक, नक्शा, खसरा, आय, जाति, विवाह और निवास प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। राशन कार्ड बनवाने, बिजली बिल का भुगतान करने, स्थायी खाता संख्या और आयुष्मान कार्ड जैसी आवश्यक सेवाएं भी अब घर के पास ही मौजूद हैं। अब ग्रामीणों को इन दस्तावेजों के लिए भटकना नहीं पड़ता। सभी वित्तीय कार्य आधार आधारित भुगतान प्रणाली के माध्यम से सुरक्षित रूप से संपन्न किए जा रहे हैं।
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