डीजे की तेज आवाज पर सिख समाज ने उठाई आवाज, कमिश्नर से की स्वतः कार्रवाई की मांग
OM Darpan
बुजुर्गों, हृदय रोगियों, नवजात और छोटे बच्चों की परेशानी का दिया हवाला; कहा-शिकायत का इंतजार किए बिना नियम तोड़ने वालों पर हो कार्रवाई
रायपुर। ओम दर्पण — शहर में विभिन्न आयोजनों और कार्यक्रमों के दौरान तेज आवाज में बजाए जा रहे डीजे को लेकर छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने चिंता जताई है। समाज के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला को ज्ञापन सौंपकर नियमों और निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों के खिलाफ पुलिस से स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की है।
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने कहा कि डीजे की तेज आवाज के कारण बुजुर्गों, हृदय रोगियों, नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि तेज आवाज और कंपन से लोगों की नींद तथा मानसिक शांति प्रभावित होती है और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी उत्पन्न होती हैं।
शिकायत का इंतजार न करे पुलिस
समाज की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि तेज आवाज में डीजे बजाए जाने के मामलों में अक्सर पुलिस और प्रशासन शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करता है। समाज ने मांग की कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में पुलिस को नागरिकों की शिकायत या बड़ी संख्या में लोगों के दबाव का इंतजार नहीं करना चाहिए।
ज्ञापन में कहा गया कि यदि कहीं निर्धारित नियमों और ध्वनि सीमा का उल्लंघन दिखाई देता है तो पुलिस एवं प्रशासन को स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए।
डीजे वाहनों और ध्वनि विस्तारक यंत्रों की जांच की मांग
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने प्रशासन से डीजे वाहनों में लगे ध्वनि विस्तारक यंत्रों की नियमित जांच की मांग भी की है। समाज का कहना है कि मानक से अधिक आवाज में डीजे बजाने या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित आयोजकों और डीजे संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
समाज ने विशेष रूप से अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और आवासीय क्षेत्रों के आसपास ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने की मांग की है।
आयोजन या डीजे कारोबार का विरोध नहीं
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य किसी धार्मिक, सामाजिक या सांस्कृतिक आयोजन का विरोध करना नहीं है और न ही डीजे के व्यापार को बंद करवाना है। समाज का कहना है कि उसकी मांग केवल नियमों का पालन सुनिश्चित कराने और आम नागरिकों को अनावश्यक ध्वनि प्रदूषण से राहत दिलाने की है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, स्वर्ण सिंह चावला, मंजीत सिंह भाटिया, कुलवंत सिंह खालसा, देवेंदर सिंह चावला और बलवंत सिंह चावला मौजूद रहे।
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