दुर्ग (ओमदर्पण न्यूज़)।
दुर्ग जनपद पंचायत की सामान्य सभा की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। 15वें वित्त की राशि के आवंटन और कार्य योजना को लेकर नाराज विपक्षी जनपद सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। सभी 11 विपक्षी सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि अप्रैल माह में सभी ग्राम पंचायतों को कार्य योजना में शामिल नहीं किया गया, तो वे सामूहिक इस्तीफा दे देंगे और ग्रामीणों के साथ विधायक निवास का घेराव करेंगे।
उपक्षा का लगाया गंभीर आरोप
विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार उपेक्षित किया जा रहा है और उनके क्षेत्रों में कार्य नहीं दिए जा रहे हैं, जिसके कारण उन्हें जनता के बीच जाने में परेशानी हो रही है। उपाध्यक्ष राकेश हिरवानी और पूर्व जनपद अध्यक्ष संतोषी देशमुख ने बैठक में दो प्रमुख मुद्दे उठाए। उन्होंने पूछा कि जनपद व जिला पंचायत स्तरीय कार्यक्रमों में स्थानीय जनपद सदस्यों की उपेक्षा क्यों की जाती है? उनका कहना था कि नारी सशक्तिकरण कार्यक्रम में महिला जनपद सदस्यों का नाम आमंत्रण पत्र में नहीं दिया गया, जबकि भाजपा मंडल अध्यक्षों के नाम को प्रमुखता दी गई।
इसके साथ ही उमरपोटी गौधाम योजना के शुभारंभ में स्थानीय जनपद सदस्य का नाम शामिल न करने और 15वें वित्त के तहत ग्राम पंचायतों को कार्य योजना की जानकारी न देने पर भी कड़ी आपत्ति जताई गई। बैठक के दौरान कुछ अन्य सदस्यों ने अपने क्षेत्र के विकास कार्यों से जुड़े मुद्दे उठाए, जिस पर विभागीय अधिकारियों द्वारा संतोषजनक जानकारी न देने का आरोप भी लगाया गया।
अध्यक्ष का पक्ष: आरोप निराधार
उधर, इस पूरे मामले पर जनपद अध्यक्ष कुलेश्वरी देवांगन ने विपक्षी सदस्यों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। अध्यक्ष ने कहा कि विपक्षी दल के सदस्यों द्वारा लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं। जनपद पंचायत में जो भी निर्णय लिए जा रहे हैं, वे सदन के बहुमत के आधार पर लिए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि विपक्षी सदस्य बैठक में केवल हंगामा करना चाहते हैं और किसी भी मुद्दे पर तार्किक दृष्टि से चर्चा करने के लिए तैयार नहीं होते हैं।











