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दिल्ली में CM साय की ‘डिनर डिप्लोमेसी’: छग के सांसदों के साथ बनी ‘नए छत्तीसगढ़’ की भव्य रणनीति, इन 5 बड़े मुद्दों पर हुआ मंथन!

CM Vishnu Deo Sai Meeting New Delhi

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नई दिल्ली (ओमदर्पण न्यूज़)। नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य के सांसदों के साथ रात्रिभोज पर आत्मीय मुलाकात की। इस अहम बैठक में सांसदों के साथ विस्तृत संवाद हुआ और प्रदेश के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर रणनीति तैयार की गई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ को विकास के नए आयामों तक पहुँचाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से संकल्पित होकर काम कर रही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि केवल मिलकर किए गए सामूहिक प्रयासों से ही एक नए, सशक्त और समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है।

अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

इस बैठक के दौरान सांसदों ने अपने-अपने संसदीय क्षेत्र के विकास संबंधी मुद्दों पर मुख्यमंत्री के साथ विचार साझा किए और विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सुझाव दिए। सांसदों ने मुख्यमंत्री को प्रदेश की प्राथमिकताओं और योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में आने वाली चुनौतियों से भी अवगत कराया। इस दौरान मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।

डबल इंजन सरकार दे रही नई गति: CM साय

मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में ‘डबल इंजन’ की सरकार राज्य के विकास को नई गति देने के लिए निरंतर कार्यरत है। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे राज्य हित में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से प्रदेश को प्रगति की राह पर तेजी से अग्रसर किया जा सके।

गर्मजोशी भरा रहा माहौल, सुझावों पर बनी सहमति

बैठक के दौरान सांसदों और मुख्यमंत्री के बीच गर्मजोशी और आत्मीयता का माहौल देखा गया। मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों की बातों को ध्यान से सुना और उनके सुझावों को महत्व देते हुए उन्हें विकास कार्यों में शामिल करने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर सभी सांसदों ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य के विकास के लिए अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता व्यक्त की। बैठक का मुख्य उद्देश्य केवल संवाद स्थापित करना नहीं था, बल्कि राज्य की प्रगति के लिए रणनीतिक रूप से आवश्यक कदमों पर सहमति बनाना भी था।

अंत में, मुख्यमंत्री ने सांसदों से आग्रह किया कि वे अपने संसदीय क्षेत्रों में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दें और जनता तक उनका सीधा लाभ पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

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