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मियावकी पद्धति से सुधरेगी शहर की आबोहवा
भिलाई नगर (रवि कुमार भास्कर)।
नगर पालिक निगम के आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने आज जोन-02 के तहत आने वाले वार्ड क्रमांक-15 का औचक और विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान वे पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न केवल सफाई व्यवस्था और अधोसंरचना विकास का जायजा लिया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नई परियोजनाओं की रूपरेखा भी तय की।
बैकलेन में कब्जा देख दिए सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान आयुक्त की नजर वार्ड की विभिन्न बैकलेन (गलियों के पीछे का हिस्सा) पर पड़ी। कई स्थानों पर बैकलेन में अवैध कब्जे किए गए हैं, जिसके चलते नालियों की सफाई और मरम्मत के काम में बाधा आ रही है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कब्जा हटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कब्जा हटने के बाद ही वहां नाली निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा, जिससे रहवासियों को जल भराव की समस्या से हमेशा के लिए मुक्ति मिलेगी।
‘मियावकी तकनीक’ से बढ़ेगी शहर की हरियाली
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए आयुक्त ने इंदु आईटी के पीछे स्थित स्थल का मुआयना किया। निगम प्रशासन ने इस स्थान को ‘मियावकी तकनीक’ (Miyawaki Technique) के जरिए वृक्षारोपण के लिए चुना है। यह एक जापानी पद्धति है, जिसमें कम जगह में घना जंगल विकसित किया जाता है। इससे शहर के एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में सुधार होगा और हरियाली में भी वृद्धि होगी।
गुणवत्ता से समझौता नहीं
आयुक्त ने वार्ड में चल रहे सफाई अभियान का बारीकी से अवलोकन किया और स्वच्छता कर्मियों को नियमित सफाई बनाए रखने की हिदायत दी। इसके अलावा, उन्होंने वार्ड में बन चुकीं और प्रस्तावित सी.सी. सड़कों की गुणवत्ता (Quality Check) का भी परीक्षण किया। आयुक्त ने जोन अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देशित किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनहित के कार्यों को तय समय सीमा के भीतर और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करना होगा।
निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त ऐशा लहरे, कार्यपालन अभियंता अरविंद शर्मा, सहायक अभियंता अर्पित बंजारे, उप अभियंता चंदन निर्मल, सहायक राजस्व अधिकारी शरद दुबे और जोन स्वास्थ्य अधिकारी शंकर साहनी सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।










