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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘संवाद’ कार्यक्रम में सौर ऊर्जा आत्मनिर्भरता का रोडमैप पेश किया; महिलाओं और किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ।
✍️ विशेष संवाददाता
रायपुर | छत्तीसगढ़ सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ सोलर वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘संवाद’ कार्यक्रम के समापन समारोह में प्रदेश के लिए एक बड़ा लक्ष्य रखा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मार्च 2027 तक छत्तीसगढ़ के 5 लाख घरों में सोलर पैनल स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश स्वच्छ और हरित ऊर्जा की दिशा में अभूतपूर्व कार्य कर रहा है और छत्तीसगढ़ भी अपनी अपार संभावनाओं के जरिए ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को पूरा करेगा।
ऊर्जा उत्पादन में छत्तीसगढ़ की मजबूत स्थिति
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जानकारी दी कि ऊर्जा विकास के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पहले से ही एक शक्तिशाली राज्य है, जहां वर्तमान में 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में लगभग 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपये के एमओयू किए हैं। इन समझौतों के माध्यम से आने वाले समय में प्रदेश में अतिरिक्त 30 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता विकसित होने की संभावना है। सरकार का मुख्य ध्येय छत्तीसगढ़ को ऊर्जा उत्पादन में देश का सिरमौर बनाना है।
हरित ऊर्जा और नेट जीरो का लक्ष्य
पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2070 तक भारत को नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन वाला देश बनाने का संकल्प लिया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य में छत्तीसगढ़ अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएगा। प्रदेश में आने वाले समय में 4 हजार मेगावाट ग्रीन एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने के लिए सौर ऊर्जा जैसे अक्षय स्रोतों का उपयोग आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अनिवार्य है।
5 लाख घरों को जोड़ने की तैयारी और भारी सब्सिडी
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत छत्तीसगढ़ में अब तक 95 हजार घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। मार्च 2027 तक 5 लाख घरों को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 किलोवाट क्षमता के प्लांट पर केंद्र सरकार 30 हजार और राज्य सरकार 15 हजार रुपये का अनुदान दे रही है। वहीं, 3 किलोवाट क्षमता के संयंत्र पर करीब 1.08 लाख रुपये की सब्सिडी उपलब्ध है। डीएमएफ क्षेत्रों में अतिरिक्त अनुदान की व्यवस्था डीएमएफ मद से की जाएगी, ताकि आम लोगों के लिए सौर ऊर्जा अपनाना और आसान हो सके।
सौर ऊर्जा से सशक्त हो रही नारी शक्ति
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला वेंडरों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा क्षेत्र रोजगार के नए द्वार खोल रहा है। छत्तीसगढ़ में 2.82 लाख स्व-सहायता समूहों से जुड़ी 30 लाख से अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, जिनमें से 13 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। अब ये महिलाएं सोलर वेंडर के रूप में घरों में संयंत्र स्थापित कर आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर पेश कर रही हैं।
सिंचाई और कृषि में सौर ऊर्जा का उपयोग
समारोह को संबोधित करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कोयले जैसे जीवाश्म ईंधनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ना समय की मांग है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में लगभग ढाई लाख सिंचाई पंप पहले ही सौर ऊर्जा से संचालित हो रहे हैं। विधायक पुरंदर मिश्रा ने नागरिकों से प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने का आह्वान किया। वहीं, छत्तीसगढ़ सोलर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष मिश्रा ने ‘हर घर सोलर, हर घर ऊर्जा आत्मनिर्भर’ के संकल्प पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर सोलर उद्योगों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और नवीन तकनीकों की जानकारी ली। उन्होंने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाली संस्थाओं और बैंकों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ सोलर वेलफेयर एसोसिएशन की डायरेक्टरी का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर सहित अनेक अधिकारी, उद्योगपति और महिला समूहों के सदस्य उपस्थित थे।








