

रायपुर।
बलौदाबाजार हिंसा मामले में आज कांग्रेस की प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बिना नाम लिए गुरु बालदास पर निशाना साधते हुए कहा कि बाबा गुरु घासीदास सतनामी समाज के असली गुरु हैं। सभी बाबा गुरु घासीदास को मानते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा के वंश में पैदा होने मात्र से कोई गुरु नहीं हो जाता। समाज के 80 प्रतिशत लोग गुरु प्रथा को समाप्त करना चाहते हैं। सतनामी समाज एक है, और ये तथाकथित गुरु अवसरवादी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले कांग्रेस के पक्ष में खड़े थे और अब भाजपा में चले गए हैं। डहरिया ने आगे कहा कि भाजपा में चले गए इन गुरुओं की अब समाज में स्वीकार्यता नहीं रह गई है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सत्यनारायण शर्मा, धनेंद्र साहू, और शिव डहरिया ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता में बीजेपी पर तीखा हमला बोला। डहरिया ने कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाते हुए बीजेपी की तुलना अंग्रेजों से की। उन्होंने कहा, “BJP सरकार ने जैसी कार्रवाई की है, वैसी कार्रवाई तो अंग्रेजों ने भी नहीं की थी।”
शिव डहरिया ने जोर देकर कहा कि बीजेपी सरकार सतनामी समाज और कांग्रेस को बदनाम करने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा, “अपनी नाकामी को छुपाने के लिए सरकार ने ऐसी कार्रवाई की है। कांग्रेस इस षड्यंत्र के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ेगी। सरकारी दमन से कांग्रेस डरने वाली नहीं है।”
प्रेस वार्ता के दौरान डहरिया ने अमर गुफा में जैतखंभ को काटने की घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि तीन मजदूरों ने इस पूरी घटना को अंजाम दिया था। सतनामी समाज ने सीबीआई जांच की मांग की थी, लेकिन प्रशासन ने इसे अनदेखा किया। प्रदर्शन के दौरान 3 घंटों तक तनाव बना रहा, और इस बीच कलेक्ट्रेट सहित एसपी कार्यालय को जला दिया गया। डहरिया ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन बलौदाबाजार हिंसा के लिए जिम्मेदार है और कांग्रेस प्रतिनिधियों को जेल में डालने का काम किया गया।
उन्होंने कहा, “सरकार की साजिश को कांग्रेस बेनकाब करेगी और छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में प्रदर्शन किया जाएगा। भाजपा सरकार का आतंकी और दोहरा चेहरा जनता के सामने लाया जाएगा।”









