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गौठान में न चारा, न पानी, भूख से तड़प रहे मवेशी
रायपुर.
विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पचेड़ा में करंट लगने से गोवंश की मौत का मामला गरमा गया है। घटना के बाद मौके पर पहुंचे छत्तीसगढ़ युवा हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने ग्राम पंचायत और सरपंच पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। संगठन का दावा है कि गांव में अवैध रूप से बिछाए गए तारों की चपेट में आने से मवेशियों की जान गई है, वहीं स्थानीय गौठान में भी मवेशियों के रखरखाव की स्थिति दयनीय है।
सरपंच पर धमकाने का आरोप
रायपुर जिला महामंत्री लवकुश गुप्ता ने बताया कि इस घटना में मुख्य रूप से सरपंच की लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि जब संगठन के सदस्यों ने इस मुद्दे को उठाया, तो सरपंच ने अपनी गलती मानने के बजाय एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की धमकी दी। गुप्ता के अनुसार, सरपंच ने तर्क दिया कि आसपास के गांवों में भी इसी प्रकार के तार लगे हुए हैं, जिससे उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की कोशिश की।
गौठान में भूख से बेहाल मवेशी
घटना के बाद युवा हिंदू महासभा की टीम ने ग्राम पचेड़ा स्थित गौठान का निरीक्षण किया। लवकुश गुप्ता ने बताया कि वहां की स्थिति बेहद खराब है। गौठान में मवेशियों के लिए न तो चारे की व्यवस्था है और न ही पीने के पानी का कोई इंतजाम है। निरीक्षण के दौरान कई गोवंश भूख और प्यास से तड़पते हुए पाए गए। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि गौठान की व्यवस्था सुधारी जाए और गोवंश की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
प्रशासन की भूमिका पर सवाल
गोधन न्याय योजना और गौठानों को लेकर सरकारी दावों के बीच पचेड़ा की यह तस्वीर जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े करती है। खुले तारों में करंट और गौठान में अव्यवस्था के चलते मवेशियों की जान जोखिम में है। फिलहाल, संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई और व्यवस्था नहीं सुधरी, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।










