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बीरगांव में फुटकर व्यापारियों की रोजी-रोटी पर संकट, महापौर पर भेदभाव का आरोप

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  • 08 वर्षों से लग रही दुकानों को हटाया गया, नगरवासी आंदोलन को तैयार

बीरगांव (सत्यानंद सोई)।

बीरगांव मेन रोड स्थित बिजली ऑफिस के सामने व नाले के पास वर्षों से लग रही फुटकर कपड़ा और मछली की दुकानों को प्रशासन द्वारा हटाया गया, जिससे स्थानीय व्यापारी परेशान हैं। ये सभी व्यापारी बीरगांव के निवासी हैं और पिछले 08 वर्षों से कपड़े का फुटकर व्यापार कर अपने परिवार का गुजारा कर रहे थे।

महापौर पर गरीबों की अनदेखी का आरोप

पिछले दो महीनों से बीरगांव महापौर द्वारा इन गरीब व्यापारियों की दुकानों को हटवाकर उन्हें बेरोजगार किया जा रहा है। व्यापारी वर्ग का कहना है कि महापौर अपने स्वार्थ के लिए गरीब मजदूरों की अनदेखी कर रहे हैं। निगम प्रशासन व्यवस्था बनाने की बात कहकर इन व्यापारियों को लगातार दो माह से टाल रहा है।

भेदभाव का आरोप, अन्य स्थानों पर दुकानें संचालित

व्यापारियों का आरोप है कि नगर निगम क्षेत्र में कई स्थानों पर अस्थायी दुकानें अभी भी संचालित हैं, परंतु उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही। इससे साफ प्रतीत होता है कि प्रशासन द्वारा भेदभाव की नीति अपनाई जा रही है।

आर्थिक और मानसिक संकट में व्यापारी

काम बंद होने के कारण ये सभी व्यापारी आर्थिक और मानसिक रूप से कमजोर हो चुके हैं। उनके पास अपने परिवार के भरण-पोषण का कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है। नगर के निवासी भी इस स्थिति से परेशान और असहाय महसूस कर रहे हैं।

महापौर कार्यालय के घेराव की चेतावनी

व्यापारियों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी से जुड़े महापौर गरीब जनता की आजीविका पर लात मारने का काम कर रहे हैं। इसी के विरोध में सभी फुटकर व्यापारी अपने-अपने परिवार और नगरवासियों के साथ मिलकर दिनांक 06/05/2025 को महापौर कार्यालय का उग्र आंदोलन करते हुए घेराव करेंगे।

इस आंदोलन की जानकारी सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से पार्षद बेदराम साहू, छाया पार्षद डोमेश देवांगन, आनंद शर्मा, विक्की साहू , दानेश्वर वर्मा, अरविंद पाल, तकी, शुभम वर्मा, शुभम सिंह व अब्दुल तहकीर सहित अन्य उपस्थित रहे।

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