रायपुर।
शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्यस्तरीय सम्मानित शिक्षकों को बधाई दी और कहा कि समाज निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से ही शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी रहा है, और दुनिया को शून्य का आविष्कार आर्यभट्ट जैसे महान गणितज्ञों से मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू की गई नई शिक्षा नीति से शिक्षा के क्षेत्र में नए परिवर्तन हो रहे हैं। इंटरनेट के युग में भले ही ज्ञान एक क्लिक पर उपलब्ध है, लेकिन जीवन जीने की शिक्षा केवल विद्यालय में ही मिलती है। उन्होंने बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के घटते प्रभाव के चलते शिक्षा के क्षेत्र में खुल रहे नए रास्तों पर प्रसन्नता जाहिर की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आने वाला समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और रोबोटिक्स का है, और छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में इन क्षेत्रों की शिक्षा की शुरुआत कर दी गई है। साथ ही, नालंदा की तर्ज पर राज्य में 13 स्थानों पर हाईटेक लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं। शासकीय स्कूलों में माता-पिता और शिक्षक की बैठकों (पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग) पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि बच्चों के विकास में परिवार की भी सक्रिय भूमिका बनी रहे।
छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सराहनीय कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे शिक्षकों को सम्मानित करना, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा को नई दिशा दे रहे हैं, बेहद महत्वपूर्ण है और यह अन्य शिक्षकों को भी प्रेरित करेगा।






