-
बाओ विस्टा की गिस्लेने डे देउस ने 25 साल के लंबे संघर्ष के बाद अपने पिता के हत्यारे को दिलाई सजा
बाओ विस्टा:
1999 में गिलवाडो की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, तब उनकी सबसे बड़ी बेटी गिस्लेने डे देउस सिर्फ 9 साल की थीं। पिता की मृत्यु के बाद गिस्लेने पर अपनी चार छोटी बहनों की जिम्मेदारी आ गई। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उस छोटी उम्र में ही गिस्लेने ने अपने पिता के हत्यारे को सजा दिलाने की कसम खाई थी।
पुलिस अधिकारी बनने का लिया संकल्प:
गिस्लेने ने बचपन से ही पुलिस अधिकारी बनने का सपना देखा। उनका मकसद साफ था— अपने पिता के हत्यारे को जेल की सलाखों के पीछे डालना। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्होंने पहले लॉ की पढ़ाई की, फिर 2023 में वकील बनीं। इसके बाद 2023 में ही पुलिस भर्ती परीक्षा पास करके उन्होंने पुलिस बल में प्रवेश किया।
50 पाउंड के लिए हुई थी हत्या:
1999 में बाओ विस्टा के एक बार में गिलवाडो की हत्या सिर्फ 50 पाउंड के लिए कर दी गई थी। घटना के दिन रेमुंडो गोम्स के साथ हुई तीखी बहस के बाद, गोम्स ने गिलवाडो की खोपड़ी में गोली मार दी थी। हत्या के बाद गोम्स फरार हो गया और पुलिस उसे पकड़ने में नाकाम रही।
पिता के हत्यारे को पकड़ने का संकल्प:
पुलिस बल में शामिल होने के बाद गिस्लेने ने खुद को हत्या संबंधी विभाग में नियुक्त करने की अपील की। उन्होंने गोम्स की तलाश शुरू की, और एक लंबी जांच के बाद, बाओ विस्टा के बाहरी इलाके से उसे गिरफ्तार कर लिया। आखिरकार, 2024 में गोम्स को 12 साल की सजा सुनाई गई। गिस्लेने ने कहा, “अगर तुम पाताल में भी होते, तो भी मैं तुम्हें ढूंढ निकालती।” हत्यारे को हथकड़ी में देखकर गिस्लेने को राहत मिली, और उन्होंने अपने पिता को न्याय दिलाने का 25 साल का संघर्ष पूरा किया।









