

दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
रविवार को यादव समाज द्वारा दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम झोला और मचांदूर में मातर उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर दुर्ग ग्रामीण विधायक एवं राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ललित चंद्राकर मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। उन्होंने मातर स्थल पहुंचकर भगवान कृष्ण की पूजा अर्चना की और यादव समाज सहित समस्त ग्रामवासियों को मातर उत्सव एवं भाई दूज की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान राउत नाचा की धुन पर यादव समाज एवं अन्य समुदाय के लोग जमकर थिरके। साथ ही अखाड़ा का आयोजन भी हुआ और रात में रंगारंग छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। इस आयोजन में यादव समाज के लोगों के साथ-साथ ग्रामवासियों ने पूरे हर्षोल्लास के साथ भाग लिया।
दुर्ग ग्रामीण विधायक एवं राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ललित चंद्राकर ने यादव समाज एवं ग्रामवासियों की इस सफल आयोजन के लिए सराहना की और सभी से सामाजिक एकता को बनाए रखने का निवेदन किया। उन्होंने कहा कि मातर उत्सव छत्तीसगढ़ में धूमधाम से मनाया जाता है और यह हमारी संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
छत्तीसगढ़ के गांवों में मातर, मेला मंडाई आदि उत्सव परंपरा का हिस्सा हैं। दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा होती है और उसके बाद वाले दिन को ‘मातर’ के नाम से जाना जाता है। मातर में ‘मा’ का अर्थ है माता और ‘तर’ यानी उनकी शक्ति को जागृत करना। इस पर्व में गाय की पूजा की जाती है। यह उत्सव मुख्य रूप से यादव (राउत, ठेठवार, पहटिया) समाज द्वारा मनाया जाता है, लेकिन अन्य समाज के लोग भी इसमें शामिल होते हैं।
यादव समाज के लोग घर-घर जाकर गोवंश पालने वालों के घरों में दोहा और नाचा करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से मनीष बेलचंदन, गुलाब बेलचंदन, चंद्र प्रकाश बेलचंदन, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुकेश बेलचंदन, दुखित बेलचंदन, अश्वनी देशमुख, पुकेश बेलचंदन, परशु पटेल, भगत यादव, वीरेंद्र अमृत, गोपी देशमुख, परस राम, दुलार अमृत, प्रवीण यदु, फलेंद्र राजपूत, सोनू राजपूत, नवाब खान, योगेश पटेल, धनराज साहू, जस लोक, बैसाखू राम साहू, दयालु यादव, प्रीत यादव, तोरण साहू, युवराज सिंह साहू, राधेश्याम बेस, गजेंद्र साहू (सरपंच), लेखन साहू (जनपद सदस्य) सहित यादव समाज एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।







