दुर्ग, [रोहितास सिंह भुवाल]। दुर्ग शहर को तकनीकी रूप से विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया गया है। प्रस्तावित आईटी पार्क के लिए चयनित स्थान का आज विधायक गजेन्द्र यादव, महापौर श्रीमती अलका बाघमार, कलेक्टर अभिजीत सिंह, आईआईटी की तकनीकी टीम व विभागीय अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया।
अगस्त तक प्रारंभिक कार्यालय स्थापना की तैयारी
विधायक गजेन्द्र यादव ने निरीक्षण के दौरान बताया कि आईटी कंपनियों के साथ एमओयू प्रस्तावित है। इससे पहले, अगस्त माह तक प्रारंभिक कार्यालय की स्थापना के लिए सभी आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु प्राकलन तैयार करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। इसका उद्देश्य शीघ्र ही शासन से सहमति प्राप्त कर कंपनियों के साथ एमओयू की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।
जल परिसर के पास बनेगा प्रारंभिक कार्यालय
दुर्ग में आईटी पार्क के प्रारंभिक कार्यालय के लिए जल परिसर के पास स्थित कामकाजी महिलाओं के लिए निर्मित भवन का उपयोग किया जाएगा। इस भवन में 45 कमरे उपलब्ध हैं, जिन्हें विभिन्न कंपनियों की आवश्यकतानुसार विभाजित किया जाएगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा आईटी पार्क
यादव ने यह भी जानकारी दी कि भवन में बिजली कनेक्शन के लिए ट्रांसफार्मर, उच्च गति इंटरनेट के लिए ऑप्टिकल फाइबर, वर्चुअल मीटिंग रूम, एचआर कक्ष, कैंटीन सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं आईटी कंपनियों की जरूरतों के अनुसार विकसित की जाएंगी। उनका कहना है कि यह आईटी पार्क न केवल दुर्ग की तकनीकी क्षमताओं को सुदृढ़ करेगा, बल्कि यहां के युवाओं के लिए रोजगार व नवाचार के नए अवसर भी पैदा करेगा। यह विकसित दुर्ग बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
तकनीकी शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
विधायक गजेन्द्र यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि दुर्ग में आईटी पार्क की स्थापना से तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि नालंदा परिसर और सेंट्रल लाइब्रेरी के लिए भी शासन से स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में दुर्ग में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की।
निरीक्षण के समय आईआईटी के निदेशक राजीव प्रकाश, तकनीकी टीम के प्रो. सामरेन्द्र घोष व विष्णु वैभव द्विवेदी, दुर्ग निगम के ईई सहित निगम के अन्य अधिकारी, पार्षदगण तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।









