29 सितम्बर 2026 |
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दुर्ग में शांतिपूर्ण धरना कुचलने की पुलिस कार्रवाई से पत्रकार जगत में आक्रोश, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

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OM Darpan

Nov 13, 2024 09:40 am 186 views
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दुर्ग में पत्रकारों का धरना दुर्ग में पत्रकारों का धरना दुर्ग में पत्रकारों का धरना
दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)। पुलिस और प्रशासन को पहले से जानकारी देने के बावजूद दुर्ग में शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों पर पुलिस द्वारा दमनकारी कार्रवाई किए जाने से पूरा पत्रकार जगत आक्रोशित है। पत्रकारों के द्वारा पुलिस के खिलाफ झूठी एफआईआर रद्द करने और संबंधित अस्पताल पर कार्यवाही की मांग को लेकर आयोजित धरना स्थल पर पुलिस ने टेंट, बैनर, पोस्टर को बलपूर्वक हटाया और यहां तक कि पत्रकारों के लिए बने खाने को भी फेंकवा दिया। पत्रकारों ने सड़क किनारे बैठकर धरना पूरा किया और पीड़ित पत्रकार को न्याय दिलाने और दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग करते हुए राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। दुर्ग पुलिस की इस दबंगई से पत्रकारों में गहरा आक्रोश है। शांति पूर्ण आंदोलन को जिस तरह से कुचलने का प्रयास किया गया उसकी जितनी निंदा की जाए कम है। पुलिस ने धरना स्थल पर टेंट, बैनर और पोस्टर सब कुछ हटा दिया और खाना भी फेंकवा दिया। यह सब दुर्ग पुलिस द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री की सरकार ने हमेशा निष्पक्ष पत्रकारिता का समर्थन किया है, लेकिन उसी सरकार की पुलिस दुर्ग में पत्रकारों का दमन कर रही थी। मामला तब शुरू हुआ जब दुर्ग के वरिष्ठ पत्रकार के खिलाफ पुलिस ने एक निजी अस्पताल की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की। यह एफआईआर उस शिकायत के जवाब में थी जो पांच महीने पहले उक्त पत्रकार द्वारा अस्पताल में महिलाओं की निजता के उल्लंघन के खिलाफ दर्ज कराई गई थी। इस शिकायत की जांच नर्सिंग होम नोडल अधिकारी द्वारा की गई थी, जिसमें शिकायत सही पाई गई थी। लेकिन कार्रवाई अस्पताल पर नहीं की गई, बल्कि उल्टा शिकायतकर्ता पत्रकार पर बगैर जांच के एफआईआर दर्ज करवा दी गई। इसके विरोध में 11 नवंबर को संयुक्त पत्रकार संगठन ने पुलिस के खिलाफ झूठी एफआईआर रद्द करने और जिला प्रशासन से संबंधित अस्पताल पर वैधानिक कार्रवाई की मांग करते हुए शांति पूर्ण धरना दिया। हालांकि, दुर्ग पुलिस ने प्रशासन को जानकारी देने के बावजूद बलपूर्वक कार्रवाई कर धरना को बाधित किया, जिससे पुलिस की छवि खराब हो गई है। कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया:   पीड़ित पत्रकारों ने कलेक्टर को मिलकर ज्ञापन सौंपा और दमनकारी दोषी पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई करने, बगैर जांच किए एफआईआर को रद्द करने और महिलाओं की निजता का उल्लंघन करने वाले अस्पताल पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर छत्तीसगढ़ पत्रकार एकता महासंघ से प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार, अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद शर्मा, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष राकेश प्रताप सिंह परिहार, महफूज खान, जितेंद्र जयसवाल, रजा खान, अनंत भगत, मोहम्मद निजाम अंसारी, विक्रांत मालकन, राकेश जसपाल, निरंजन गुप्ता, दर्शन मिरि, प्रेम सोनी, संगीता साहू, माही सार्वा, कृष्णा लाल, राकेश तम्बोली, गोपाल निर्मलकर, धर्मेंद्र गुप्ता, मनीष शर्मा, जीवनी खंडे, मोहन लाल गुप्ता, सुरेश गुप्ता, रोशन लाल सिन्हा, विजय देवांगन, सुकांता कुमार खाड़ा, शिवेंद्र शिंदे, तरुण पटेल, निलेश साहू, मिश्री लाल प्रजापति, गोवर्धन ताम्रकार, नवीन राजपूत और राजेश ताती सहित कई पत्रकार उपस्थित थे।  
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