शिक्षकों की कमी व मध्यान भोजन पर गरमागरम चर्चा
OM Darpan
Jul 17, 2025 11:47 pm
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17 Jul 2025
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जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रमों में बुलाने का फरमान
युक्ति युक्तिकरण फेल, ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की कमी बरकरार: उपाध्यक्ष
बैठक में शिक्षा विभाग द्वारा किए गए युक्ति युक्तिकरण पर भी चर्चा हुई। जनपद अध्यक्ष कुलेश्वरी सुखदेव देवांगन ने कहा कि सरकार की यह योजना कारगर साबित हो रही है। जिन स्कूलों में शिक्षकों की संख्या अधिक थी, उन्हें आवश्यकता वाले स्कूलों में भेजा गया है। वहीं, कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को पास के स्कूलों में मर्ज कर दिया गया है, जिससे उम्मीद है कि आने वाले समय में पढ़ाई के स्तर में सुधार आएगा और वर्तमान में बच्चे व अभिभावक खुश दिखाई दे रहे हैं।
हालांकि, जनपद उपाध्यक्ष राकेश हिरवानी ने युक्ति युक्तिकरण को पूरी तरह से विफल बताया। उन्होंने कहा कि बैठक में जो जानकारी सामने आई है और जमीनी स्तर पर जो हकीकत है, उसके अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश स्कूलों में आज भी छात्रों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की कमी है, जबकि कुछ स्कूलों में आवश्यकता से अधिक शिक्षक हैं। उन्होंने शिक्षा के स्तर को भी चिंताजनक बताया और कहा कि कई स्कूलों में अभी तक पाठ्यपुस्तकें भी नहीं पहुंची हैं।
मध्यान्ह भोजन व्यवस्था पर भी उठे सवाल बैठक में मध्यान भोजन की व्यवस्था पर भी असंतोष व्यक्त किया गया। जनपद उपाध्यक्ष राकेश हिरवानी ने कहा कि मध्यान भोजन व्यवस्था हर तरफ से अव्यवस्थित नजर आ रही है, जिसे शासन व विभाग को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से मध्यान भोजन उपलब्ध कराकर और नियमित निगरानी कर बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। अटैचमेंट वाले शिक्षकों को मूल स्थान पर भेजने के निर्देश बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विभिन्न विभागों और विधायकों के पास अटैचमेंट पर कार्यरत शिक्षकों को वापस उनके मूल स्थानों पर भेजा जाए, ताकि छात्रों को संबंधित विषयों की पढ़ाई में कोई बाधा न आए।मर्ज हुए स्कूलों की यू डाइस में आ रही दिक्कतों का मुद्दा दुर्ग ब्लॉक के स्कूलों के संकुल समन्वयकों ने दो स्कूलों को मर्ज करने के कारण यू डाइस में आ रही समस्याओं को भी बैठक में रखा। जनपद अध्यक्ष ने इस समस्या के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए।
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