विधायक गजेन्द्र यादव ने सदन में उठाया दुर्ग नलघर और गंजपारा काम्प्लेक्स का मुद्दा
OM Darpan
- उपमुख्यमंत्री ने शीघ्र दुकान नीलाम कराने दिया आश्वासन
दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
दुर्ग नगर निगम सहित प्रदेश के विभिन्न नगर निगमों में वर्षों से खाली पड़े व्यावसायिक परिसरों के आबंटन को लेकर दुर्ग विधायक गजेन्द्र यादव ने विधानसभा में मुद्दा उठाया। उन्होंने सदन में उपमुख्यमंत्री अरुण साव से निवेदन किया कि पुराने परिसरों की स्थिति खराब होती जा रही है और नए परिसरों के बिना उपयोग के जर्जर होने की स्थिति बन रही है। इस पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने सभी जिले के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि नियमों में संशोधन कर लंबित व्यावसायिक परिसरों की पुनः नीलामी कराई जाए।
वर्षों से लंबित दुकानों की नीलामी पर जोर
विधानसभा सत्र के छठे दिन ध्यानाकर्षण के दौरान विधायक गजेन्द्र यादव ने नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री को बताया कि दुर्ग नगर पालिक निगम अंतर्गत करोड़ों की लागत से व्यावसायिक परिसरों का निर्माण हुआ, लेकिन आज तक उनका आबंटन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कई परिसरों की स्थिति इतनी जर्जर हो गई है कि वे ध्वस्त होने के कगार पर हैं, जबकि नए परिसरों का रखरखाव न होने से वे भी बर्बाद हो रहे हैं। इस कारण आम जनता और व्यापारी वर्ग में आक्रोश व्याप्त है।
गंजपारा और नलघर परिसर की 20 करोड़ की संपत्ति बेकार पड़ी
दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में जलगृह (नलघर) परिसर और गंजपारा में करीब 20 करोड़ की लागत से दो बड़े व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाए गए थे। गाइडलाइन के अनुसार 11 बार ऑक्शन किया गया, लेकिन अब तक कोई दुकान नीलाम नहीं हो पाई। निगम की राजस्व वृद्धि के उद्देश्य से बनाए गए इन परिसरों के लिए तय ऑफसेट मूल्य में कुछ प्रतिशत कमी करने का विधायक ने अनुरोध किया, ताकि इन परिसरों का उचित उपयोग हो सके और जनता को इसका लाभ मिले।
संशोधित नीलामी प्रक्रिया का आश्वासन
विधायक गजेन्द्र यादव द्वारा सदन में रखे गए इस महत्वपूर्ण विषय पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने गंभीरता से विचार किया और सभी जिलों के कलेक्टरों को आदेशित किया कि निगम के अंतर्गत बने व्यावसायिक परिसरों, जिनकी नीलामी नहीं हो पाई है, उनके नियमों में संशोधन कर जल्द से जल्द पुनः नीलामी कराई जाए। इससे निगम की राजस्व वृद्धि होगी और व्यावसायिक परिसरों का सही उपयोग हो सकेगा।
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