- मांडले में आया विनाशकारी भूकंप: एनडीआरएफ टीम ने शुरू किया बचाव अभियान
म्यांमार।
भारत के राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम ने म्यांमार के उ हला थीन मठ में ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत बचाव अभियान शुरू कर दिया है। वहां लगभग 170 भिक्षु अभी भी फंसे हुए हैं, और एनडीआरएफ टीम ने इनकी मदद के लिए तत्परता दिखाते हुए राहत कार्य तेज कर दिया है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।
सेना की टीम का दौरा और चिकित्सा सेवाएं
सेना की एक टीम सोमवार को अस्पताल स्थल का दौरा करेगी और मंगलवार को मठ के पास अपनी चिकित्सा सेवाएं स्थापित करेगी। एनडीआरएफ टीम स्काई विला में भी राहत कार्य करने के लिए तैनात करने की योजना बना रही है, जहां 11 मंजिलों वाले चार टावर ढह गए हैं। इन टावरों में कई विदेशी नागरिक भी फंसे हुए हैं।
भिक्षुओं को बुनियादी सुविधाओं की कमी
वहीं, मठ के बाहर लगभग 2,000 भिक्षु बैठे हैं जिन्हें बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। राहत सामग्री कल म्यांमार राज्य महानायक समिति के महासचिव को पहुंचाई जाएगी। भिक्षुओं को चोट तो नहीं आई है, लेकिन उनके पास जाने के लिए कोई जगह नहीं है और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। भारतीय समुदाय के सदस्य भी राहत सेवाओं का हिस्सा बने हुए हैं और रहने और भोजन के लिए सहायता प्रदान की जा रही है।
म्यांमार में भूकंप: जान-माल का भारी नुकसान
म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद बचाव कार्य अभी भी जारी हैं। इस विनाशकारी भूकंप में कम से कम 1,700 लोग मारे गए हैं और बड़ी तबाही हुई है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, भूकंप का असर बैंकॉक और चीनी प्रांतों तक महसूस किया गया था, जिससे कई लोग घायल हो गए या मलबे में दब गए।
भूकंप की गंभीरता
यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने अनुमान लगाया है कि शुरुआती मॉडलिंग के आधार पर अंतिम मृत्यु दर 10,000 से अधिक हो सकती है। भूकंप का केंद्र म्यांमार के केंद्रीय सागाइंग क्षेत्र में, ऐतिहासिक शहर मांडले के पास था।
बैंकॉक में भी भारी नुकसान
बैंकॉक में भूकंप का असर विनाशकारी था। यहां कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग ऊंची इमारतों के मलबे में दब गए। निर्माणाधीन इमारतें कुछ ही मिनटों में ढह गईं, जिसमें 11 लोगों की जान चली गई। म्यांमार में आया यह भूकंप, पिछले एक सदी में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप था। इसके बाद कई झटके आए, जिनमें 6.7 तीव्रता का एक और भूकंप भी शामिल था, जिसने पूरे सप्ताहांत तक क्षेत्र को हिला कर रख दिया।









