रायपुर।
छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और इसमें क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए बड़े कदम उठा रही है। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता शताब्दी पाण्डेय ने सरकार के इन प्रयासों को सार्थक बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शिक्षा के स्तर को सुधारने की दिशा में निरंतर काम किया जा रहा है।
शताब्दी पाण्डेय ने व्यावसायिक परीक्षा मण्डल (व्यापम) के माध्यम से 5 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं को सम्मानजनक रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी दूर होगी, जिससे सीधा लाभ छात्रों को मिलेगा।
अगले सत्र से पहले होगी पोस्टिंग
भाजपा प्रवक्ता ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री ने रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के कड़े निर्देश दिए हैं। सरकार की योजना अगले शिक्षा सत्र के शुरू होने से पहले नवनियुक्त शिक्षकों की पोस्टिंग करने की है, ताकि शैक्षणिक कार्यों में कोई बाधा न आए।
रिक्त पदों की समस्या का स्थायी समाधान
शताब्दी पाण्डेय ने बताया कि शिक्षकों की कमी से निपटने के लिए पिछले साल अप्रैल-मई में युक्तियुक्तकरण (Rationalization) की प्रक्रिया अपनाई गई थी। इसके तहत एक ही परिसर में संचालित स्कूलों को मर्ज किया गया और प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं की मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्यों को सौंपी गई थी। उन्होंने विश्वास जताया कि अब सीधी भर्ती शुरू होने से इन तमाम समस्याओं का स्थायी समाधान होगा और व्यवस्था सुदृढ़ होगी।









