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कोयला कारोबारी से 1.45 करोड़ की ठगी, पति-पत्नी समेत 3 पर FIR

Raipur Fraud Case

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रायपुर |

राजधानी रायपुर में विश्वास में लेकर करोड़ों की ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। एग्रीकल्चर कमोडिटी ट्रेडिंग के नाम पर सरगुजा (अंबिकापुर) के एक कोयला कारोबारी को 1 करोड़ 45 लाख 23 हजार रुपये का चूना लगाया गया है। पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने भिक्षु ट्रेडर्स के संचालक, उसकी पत्नी और साले के खिलाफ धारा 420 और 34 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।

 पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, अंबिकापुर निवासी 63 वर्षीय कोयला कारोबारी बिजेंद्र गुप्ता की पहचान रायपुर के बरेजपारा निवासी ट्रांसपोर्टर शनि गोयल के माध्यम से हेमंत कुमार जैन से हुई थी। हेमंत जैन रायपुर में ‘भिक्षु ट्रेडर्स’ के नाम से थोक गल्ला (अनाज) का काम करता है।

आरोपी हेमंत जैन ने बिजेंद्र गुप्ता को बताया कि वह देशभर में चना, हल्दी, जीरा और सौंफ जैसी एग्रीकल्चर कमोडिटी की खरीद-बिक्री करता है। उसने बाजार में मंदी-तेजी का हवाला देते हुए ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का सब्जबाग दिखाया और निवेश का प्रस्ताव रखा।

बिजेंद्र गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उन्हें कमोडिटी ट्रेडिंग का अनुभव नहीं था, इसलिए उन्होंने सीधे पैसे लगाने से इनकार कर दिया। इसके बाद हेमंत जैन की पत्नी कविता जैन और साले नवदीप दलाल ने मोर्चा संभाला। तीनों ने मिलकर कारोबारी को फोन पर समझाया और कहा कि अगर वे ट्रेडिंग नहीं करना चाहते, तो रकम उधार (लोन) के तौर पर दे दें।

आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि 6 महीने बाद 1 प्रतिशत मासिक ब्याज के साथ पूरी रकम लौटा दी जाएगी। उनके इस आश्वासन और विश्वास में आकर बिजेंद्र गुप्ता राजी हो गए।

RTGS से ट्रांसफर किए सवा करोड़ से ज्यादा

भरोसे में आकर बिजेंद्र गुप्ता ने अपने और अपनी पत्नी के बैंक खातों से 03 और 04 अप्रैल 2024 को भिक्षु ट्रेडर्स के एचडीएफसी बैंक खाते में कुल 1 करोड़ 45 लाख 23 हजार रुपये RTGS के जरिए ट्रांसफर कर दिए। यह पूरा लेनदेन बैंकिंग माध्यम से हुआ, जिसका रिकॉर्ड पुलिस को सौंपा गया है।

डेढ़ साल बाद भी नहीं मिले पैसे

तय समय (6 महीने) बीतने के बाद जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी टालमटोल करने लगे। कभी कारोबार में पैसा फंसे होने तो कभी बाजार खराब होने का बहाना बनाया गया। इस तरह डेढ़ साल का समय बीत गया, लेकिन रकम वापस नहीं मिली। अंत में हेमंत जैन, कविता जैन और नवदीप दलाल ने पीड़ित का फोन उठाना भी बंद कर दिया।

जांच करने पर बिजेंद्र गुप्ता को पता चला कि आरोपियों ने इसी तरह थोक कारोबार और निवेश का झांसा देकर कई अन्य लोगों को भी ठगा है। इसके बाद उन्होंने रायपुर के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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