- लोरमी के सेवानिवृत्त बीएमओ से ठगी, मुंगेली पुलिस की तत्परता से आरोपी गिरफ्तार, अन्य साथी की तलाश जारी
मुगेली.
लोरमी निवासी और सेवानिवृत्त बीएमओ डॉ. दीपक लाज के साथ एक बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। 6 सितंबर 2024 को कुछ अज्ञात लोगों ने व्हॉट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर 7 लाख 36 हजार रुपये ठग लिए। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गिरिजा शंकर जायसवाल ने तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने आरोपी की बैंक डिटेल और मोबाइल लोकेशन के आधार पर केरल में संभावित स्थानों पर दबिश दी। मुंगेली पुलिस की सक्रियता और तत्परता के चलते आरोपी फवाज को केरल के मल्लापुरम जिले के चेरुकापल्ली वेल्लुवागड से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि फवाज का एक और साथी जिलशाद, जो कालीकट का निवासी है, भी इस गिरोह में शामिल है। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
डॉ. दीपक लाज ने बताया कि आरोपियों ने उन्हें यह कहते हुए डरा दिया था कि उनके द्वारा दुबई भेजे गए पार्सल में आर्मी के कपड़े, आई कार्ड और प्रतिबंधित ड्रग्स मिले हैं, जिसके चलते उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। आरोपियों ने लगातार कॉल पर बने रहने की धमकी देकर 7 लाख 36 हजार रुपये आरटीजीएस के माध्यम से अपने एक्सीस बैंक के खाते में ट्रांसफर करा लिए।
इस घटना के बाद थाना लोरमी में अपराध क्रमांक 314/2024 के तहत धारा 318 (4) बीएनएस और 66 (डी) आईटी एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। गिरफ्तार आरोपी फवाज अंतरराष्ट्रीय सायबर ठग गिरोह का सदस्य है और उसके खिलाफ आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में भी इसी तरह के कई सायबर अपराध दर्ज हैं। पुलिस की टीम अब जिलशाद की गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत है, जिसके खिलाफ दुबई में भी अपराध दर्ज है और उसका वीजा ब्लॉक किया जा चुका है।
इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक संजय सिंह (थाना प्रभारी सरगांव), सहायक उप निरीक्षक भानु प्रताप बर्मन (चौकी प्रभारी डिंडोरी), सहायक उप निरीक्षक लखीराम नेताम, प्रधान आरक्षक बालीराम ध्रुव, आरक्षक रवि डाहिरे, अब्दुल रियाज और सायबर सेल की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।









