12वीं की परीक्षा से पहले वायरल हुआ था हस्तलिखित पेपर, शिक्षा मंडल की शिकायत पर पुलिस की जांच शुरू
रायपुर।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा के हिंदी विषय का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में रायपुर पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में अपराध पंजीबद्ध कर गहन जांच शुरू कर दी है। यह कदम छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने और परीक्षा प्रणाली की शुचिता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
जानकारी के अनुसार, 14 मार्च 2026 को आयोजित 12वीं की हिंदी विषय की परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर एक हस्तलिखित प्रश्नपत्र वायरल होने की सूचना मिली थी। इस मामले की गंभीरता और विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा मंडल के प्रभारी पंजीयक अधिकारी ने आवेदन प्रस्तुत किया। इसके आधार पर थाना सिटी कोतवाली, रायपुर में अपराध क्रमांक 130/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2008 की धारा 4, 5 एवं 10 और भारतीय दंड संहिता की धारा 316 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई सुनिश्चित करेगी कि किसी भी तरह का अनुचित लाभ लेने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो। रायपुर पुलिस की साइबर सेल और इन्वेस्टिगेशन टीम इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए सक्रिय हो गई है। टीम तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल ट्रेसिंग और सोशल मीडिया निगरानी कर रही है। इसके तहत प्रश्नपत्र लीक करने वाले मुख्य सरगना, व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा और कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रायपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी के पास इस मामले से संबंधित कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी हो, तो वह तुरंत सिटी कोतवाली में सूचित करें। इससे दोषियों को पकड़ने में मदद मिलेगी।
वहीं, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारियों ने छात्रों को आश्वस्त किया है कि परीक्षा निष्पक्ष तरीके से संपन्न होगी और इस अनुचित गतिविधि का परीक्षा परिणामों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। शिक्षा मंडल और पुलिस दोनों सतर्क हैं और भविष्य में किसी भी प्रकार की लीक या गड़बड़ी रोकने के लिए कड़े सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।









