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गुढ़ियारी से महादेव घाट तक हजारों शिवभक्तों ने किया जलाभिषेक, मुख्यमंत्री ने दी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं
✍️ विशेष संवाददाता
रायपुर | रायपुर के गुढ़ियारी स्थित मारुति मंगलम परिसर से हजारों की संख्या में कांवड़िए पवित्र जल लेकर महादेव घाट के लिए रवाना हुए। इस भव्य यात्रा का नेतृत्व मुख्यमंत्री साय ने किया। सावन के पवित्र महीने में आयोजित इस यात्रा का उद्देश्य भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव का जलाभिषेक करना था। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की प्राचीन संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता का अनुपम उदाहरण है। यात्रा के दौरान पूरा वातावरण शिवमय हो गया और शिवभक्तों के जयघोष से श्रद्धा की शक्ति प्रकट हुई।
श्रद्धा और भक्ति का संगम है कांवड़ यात्रा
मुख्यमंत्री साय ने कांवड़ यात्रा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे भगवान शिव की आराधना का विशेष अवसर बताया। उन्होंने कहा कि हजारों शिवभक्तों का पवित्र जल लेकर पैदल निकलना सनातन संस्कृति में निहित गहरी श्रद्धा को दर्शाता है। कठिन यात्रा के बावजूद भक्तों का उत्साह यह साबित करता है कि आस्था ही जीवन की असली शक्ति है। इस दौरान गुढ़ियारी से लेकर महादेव घाट तक का मार्ग शिवभक्तों के उत्साह से सराबोर रहा। मुख्यमंत्री ने इसे परंपरा और संस्कारों से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण यात्रा करार दिया।
हटकेश्वरनाथ मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता
मुख्यमंत्री ने महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि यह मंदिर छत्तीसगढ़ की प्राचीन शिव आराधना का प्रमुख केंद्र है और प्रदेशवासियों के लिए गहरी आस्था का विषय है। विशेष रूप से सावन माह में श्रद्धालु बड़ी संख्या में यहाँ पहुँचकर पूजा-अर्चना करते हैं। साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ आध्यात्मिक विरासत के लिए भी जाना जाता है और यहाँ के प्राचीन शिवधाम इस समृद्ध विरासत के साक्षी हैं।
नई पीढ़ी और सामाजिक समरसता पर जोर
मुख्यमंत्री के अनुसार, कांवड़ यात्रा जैसे आयोजन नई पीढ़ी को अपने आध्यात्मिक मूल्यों और जड़ों से परिचित कराने का सशक्त माध्यम हैं। इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी से आपसी सद्भाव और सामूहिकता की भावना सुदृढ़ होती है। उन्होंने इसे सामाजिक एकता का उत्सव बताया जो छत्तीसगढ़ की संस्कृति की पहचान है। साय ने भगवान भोलेनाथ से प्रदेश की प्रगति और हर परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने विश्वास जताया कि महादेव की कृपा से छत्तीसगढ़ विकास और जनकल्याण के मार्ग पर निरंतर अग्रसर रहेगा।
धार्मिक पर्यटन और सुविधाओं का विस्तार
राज्य सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों का संरक्षण व संवर्धन सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रदेश में श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को नई पहचान मिल सके। मुख्यमंत्री ने यात्रा में शामिल सभी भक्तों को शुभकामनाएं दीं और उनके सुखद भविष्य की कामना की।
इस धार्मिक आयोजन के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू और रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा उपस्थित रहे। इसके अलावा पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, महापौर मीनल चौबे, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और भारी संख्या में श्रद्धालु भी इस पावन अवसर के साक्षी बने।








