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संस्कृति और कृषि विभाग के आयोजन में दिखेगी छत्तीसगढ़ी ग्रामीण परिवेश और लोक परंपराओं की जीवंत झलक
✍️ विशेष संवाददाता
नवा रायपुर | छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा, कृषि संस्कृति और ग्रामीण जनजीवन की पहचान हरेली तिहार के अवसर पर 12 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास, नवा रायपुर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में यह लोकपर्व पूरे पारंपरिक उल्लास और छत्तीसगढ़ी रंग में मनाया जाएगा। संस्कृति विभाग एवं कृषि विभाग द्वारा आयोजित यह विशेष कार्यक्रम प्रातः 10 बजे प्रारंभ होगा।
हरेली को छत्तीसगढ़ का प्रमुख और पहला लोकपर्व माना जाता है। खेती-किसानी से गहराई से जुड़ा यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, अच्छी फसल की कामना और ग्रामीण जीवन के सामूहिक उल्लास का प्रतीक है। सावन की हरियाली के बीच मनाया जाने वाला हरेली तिहार प्रदेश की कृषि प्रधान संस्कृति और प्रकृति के साथ छत्तीसगढ़ के आत्मीय संबंध को अभिव्यक्त करता है।
कृषि उपकरणों की पूजा और पारंपरिक खेलों का होगा संगम
हरेली के दिन किसान अपने कृषि उपकरणों और हल-नांगर की साफ-सफाई कर उनकी पूजा करते हैं। खेती में उपयोग होने वाले औजारों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए अच्छी फसल, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है। गांवों में घरों और चौपालों में पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ खुशियां साझा की जाती हैं। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित इस कार्यक्रम में भी गेड़ी चढ़ने की परंपरा और विभिन्न छत्तीसगढ़ी खेल आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
आयोजन स्थल को छत्तीसगढ़ी ग्रामीण परिवेश में सजाया जाएगा, जहां खेती-किसानी से जुड़ी पारंपरिक वस्तुओं, कृषि उपकरणों और लोक संस्कृति के विविध प्रतीकों के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं और ग्रामीण जीवन की समृद्ध विरासत से जोड़ना है। विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, तीज-त्योहारों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है









