नई दिल्ली/रायपुर।
छत्तीसगढ़ की राजनीति के चाणक्य और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने एक बार फिर अपनी ‘डिनर डिप्लोमेसी’ से सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के बीच, बृजमोहन अग्रवाल ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित अपने निवास ’21, बलवंत राय मेहता लेन’ पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और समस्त कैबिनेट मंत्रियों के लिए रात्रि भोज (डिनर) का आयोजन किया।
इससे पूर्व, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से सौजन्य भेंट की। उन्होंने नितिन नबीन को पुष्पगुच्छ भेंट कर और लड्डू खिलाकर मुंह मीठा कराया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच संगठन से जुड़े रणनीतिक विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। विशेष बात यह रही कि छत्तीसगढ़ के प्रभारी रहे नितिन नबीन ने अग्रवाल के रायपुर आगमन के आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार कर लिया है।
संघर्ष से सत्ता तक: भाजपा का ‘मजबूत कंधा’ हैं अग्रवाल
राजनीति के मास्टरमाइंड माने जाने वाले बृजमोहन अग्रवाल का परिवार छत्तीसगढ़ निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले परिवारों में शुमार है। 1977 से 1987 के उस दौर में, जब अविभाजित मध्यप्रदेश के छत्तीसगढ़ अंचल में कांग्रेस का वर्चस्व था, तब बृजमोहन अग्रवाल भाजपा के सबसे मजबूत स्तंभ बनकर उभरे। जनसंघ के संस्कारों में रचे-बसे अग्रवाल ने मैदानी और शहरी क्षेत्रों में पार्टी का परचम लहराने में अहम भूमिका निभाई।
15 वर्षों का वफादारी और जीत का रिकॉर्ड
साल 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से लेकर अब तक, चाहे विधानसभा चुनाव हों, लोकसभा हों या निकाय चुनाव, अग्रवाल हमेशा मुख्य किरदार में रहे हैं। लगातार 15 वर्षों तक मंत्री रहते हुए उन्होंने अपनी कार्यकुशलता साबित की। उनकी राजनीतिक पैंतरेबाजी का ही परिणाम है कि राज्य के लगभग सभी उपचुनावों में भाजपा ने जीत दर्ज की। दिल्ली में आयोजित यह डिनर भी उनकी उसी गहरी राजनीतिक पैठ का हिस्सा माना जा रहा है।











