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फ़िल्म समीक्षा: महायोगी
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लेखक, निर्माता, निर्देशक और अभिनेता: राजन लूथरा
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अवधि: 1 घण्टा 44 मिनट
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भाषा: अंग्रेजी
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भारत रिलीज: प्रिंस मूवीज, राकेश सभरवाल
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रेटिंग: 3 स्टार्स
आजकल के समय में जब फिल्में हिंसा, नफरत और मारपीट से भरी होती हैं, तब निर्माता-निर्देशक राजन लूथरा की हॉलीवुड फिल्म “महायोगी” शांति, प्रेम और आपसी एकता का संदेश देती है। यह फिल्म इस सप्ताह प्रिंस मूवीज के राकेश सभरवाल द्वारा ऑल इंडिया रिलीज की गई है।
“महायोगी” एक दिल को छूने वाली कहानी प्रस्तुत करती है, जो पूरी दुनिया की मानवता को प्रेम, शांति और एकता की ओर अग्रसर होने का आह्वान करती है। फिल्म का केंद्रीय विषय दो देशों के बीच युद्ध और झगड़ों को खत्म करने का है, और यह दर्शाती है कि एकता और प्रेम से ही भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है।
फिल्म का नाम “महायोगी” सुनकर ऐसा लगता है कि यह एक आध्यात्मिक फिल्म होगी, लेकिन यह स्प्रिचुअल सिनेमा नहीं है। हालांकि, फिल्म में राजन लूथरा ने शिवजी जैसा किरदार निभाया है, जो इसके केंद्रीय पात्र हैं। यह फिल्म मानवीय संवेदनाओं और आंतरिक शांति की बात करती है।
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राजन लूथरा अपनी फिल्म “महायोगी हाईवे 1 टू वननेस” के माध्यम से यही संदेश देना चाहते हैं कि हम धार्मिक, सामाजिक और आंतरिक भेदभाव को छोड़कर केवल प्रेम और एकता की राह पर चलें। फिल्म में अमेरिकी शहर सैनफ्रांसिस्को और लॉस एंजिल्स की झलकियाँ तो हैं ही, साथ ही भारत के हरिद्वार और केदारनाथ की खूबसूरत लोकेशन्स भी मन को मोह लेती हैं।
“महायोगी” फिल्म में भगवान के संदेश को बड़े प्रभावी ढंग से दर्शाया गया है. जिससे समाज में संदेश जा रहा है कि लोगो को अब आपसी प्यार व सद्भाव के साथ आगे बढ़ना चाहिए, तभी एक नए युग की शुरुआत हो सकती है। यह फिल्म समाज के लिए बेहद जरूरी और प्रेरणादायक है, जो दर्शकों को अपने भीतर के शांति और प्रेम को जागृत करने का संदेश देती है।










