अंबिकापुर।
अखिल भारतीय घर वापसी प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने पुरी पीठ के 145वें शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती के आशीर्वाद और सानिध्य में 22 परिवारों के लगभग 100 सदस्यों की सनातन धर्म में घर वापसी कराई। यह आयोजन अंबिकापुर (छत्तीसगढ़) में हुआ, जहां त्रि-दिवसीय विशाल हिंदू राष्ट्र धर्म सभा का आयोजन किया गया था।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने प्रबल प्रताप सिंह जूदेव को घर वापसी अभियान में अपने मंच पर आमंत्रित किया। गुरुदेव के आशीर्वाद और उनके प्रभाव से 22 परिवारों के लगभग 100 सदस्यों ने पुनः अपने मूल सनातन धर्म में आस्था जताई और इसे स्वीकार किया।
शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने अपने संबोधन में गौ हत्या और धर्मांतरण के विरुद्ध आक्रामक अभियान चलाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए जोर देकर कहा कि हर हिंदू को सनातनी बनना चाहिए और गौ हत्या एवं धर्मांतरण पर कठोरतम कानून की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की।
गौरतलब है कि शंकराचार्य के गुरु स्वामी करपात्री जी महाराज का आशीर्वाद प्रबल प्रताप सिंह जूदेव के पिता, कुमार दिलीप सिंह जूदेव, और जशपुर राजपरिवार को मिलता रहा है। दिलीप सिंह जूदेव को घर वापसी के प्रणेता के रूप में जाना जाता है, और उनका योगदान इस अभियान में ऐतिहासिक रहा है।
कार्यक्रम में क्षेत्र के धर्म प्रेमी, वरिष्ठ धर्म रक्षक जनसेवक, संत गण, और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।














