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धरसीवा में औद्योगिक हादसों की बढ़ती संख्या: सिलतरा की मारुति फैक्ट्री में 30 फीट से गिरा श्रमिक, हालत गंभीर

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  • सिलतरा में तरुण निषाद की जान खतरे में

  • पुलिस को 24 घंटे बाद भी घटना की जानकारी नहीं

रायपुर/धरसीवा।

धरसीवा के औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार हो रहे हादसों ने स्थानीय निवासियों और श्रमिकों के बीच चिंता की लहर पैदा कर दी है। ताज़ा मामला सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र के फेस टू में स्थित मारुति फैक्ट्री से जुड़ा है, जहां सोमवार को एक श्रमिक, तरुण निषाद, लगभग 30 से 35 फीट की ऊंचाई से गिर गया। इस हादसे में तरुण गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वर्तमान में वह कोमा की स्थिति में है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

तरुण निषाद के परिवारवालों ने बताया कि हादसे की सूचना मिलने पर वह तुरंत अस्पताल पहुंचे। तरुण के भाई, तोरण निषाद, पिता शत्रुध्न निषाद, और ससुर लखन निषाद ने बताया कि तरुण मारुति फैक्ट्री में लंबे समय से काम कर रहा था। हादसे के वक्त वह ऊंचाई पर काम कर रहा था जब अचानक वह संतुलन खो बैठा और नीचे गिर गया। परिवार ने आगे बताया कि तरुण के दो छोटे बच्चे हैं और इस घटना के बाद से उनका परिवार बुरी तरह से टूट गया है।

घटना के 24 घंटे बीत जाने के बावजूद स्थानीय पुलिस को फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई है। यह बात स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली और फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जब पुलिस से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि घटना की कोई औपचारिक सूचना उनके पास नहीं आई है, जिससे हादसे की जांच में देरी हो रही है।

धरसीवा के औद्योगिक क्षेत्रों में इस तरह के हादसे पहले भी होते रहे हैं, लेकिन इस बार मामला और गंभीर हो गया है। इस हादसे ने श्रमिकों की सुरक्षा के प्रति फैक्ट्रियों के रवैये पर सवालिया निशान लगा दिया है। श्रमिक संगठनों ने घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है और फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि तरुण की स्थिति नाजुक है और अगले कुछ घंटे उसके जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। परिवार और स्थानीय लोग फैक्ट्री प्रबंधन की जिम्मेदारी की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

यह घटना न केवल धरसीवा बल्कि पूरे क्षेत्र में औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। क्या यह हादसा केवल एक और संख्या बनकर रह जाएगा, या प्रशासन इस पर ठोस कदम उठाएगा? यह सवाल अब हर किसी के मन में है।

 

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