पटना।
करीब 31 साल पुराने एक मामले में पटना पुलिस ने शुक्रवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम उनकी गिरफ्तारी के लिए मंदिरी स्थित उनके आवास पर पहुंची थी, जहां काफी गहमागहमी और मशक्कत के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें मेडिकल जांच के लिए आईजीआईएमएस (IGIMS) ले गई।
पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान सांसद आवास पर हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। गिरफ्तारी की खबर लगते ही बड़ी संख्या में उनके समर्थक वहां जुट गए। भीड़ को हटाने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा।
पुलिस का पक्ष: कोर्ट के आदेश का पालन
नगर पुलिस अधीक्षक (City SP) भानु प्रताप सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गर्दनीबाग थाना केस में सांसद तय तिथि पर उपस्थित नहीं हुए थे, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।
सांसद और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक
इससे पूर्व, रात करीब 10 बजे जब पुलिस टीम सांसद के आवास पर पहुंची, तो उन्होंने तत्काल साथ चलने से इनकार कर दिया। पुलिस ने जब गिरफ्तारी की बात कही, तो सांसद ने कहा कि वे रात में कहीं नहीं जाएंगे और पुलिस अधिकारी को सुबह आने को कहा। इस दौरान वहां समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। समर्थक लगातार पुलिस से गिरफ्तारी का वारंट दिखाने की मांग करते रहे।
सांसद ने लगाया का गंभीर आरोप
सांसद पप्पू यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सिविल ड्रेस में दीपक नाम का एक इंस्पेक्टर वहां पहुंचा था, जिसकी कमर में रिवॉल्वर थी। सांसद ने आशंका जताई कि वह गोली चला सकता था। उन्होंने इसे अपनी हत्या की साजिश करार दिया। सांसद ने यह भी कहा कि पुलिस के पास गिरफ्तारी का वारंट तक नहीं था।
इस घटनाक्रम के बीच सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर पोस्ट कर बिहार पुलिस पर तंज भी कसा। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा, “कोर्ट ने कल बुलाया था। लोकसभा का सत्र खत्म हुआ, तो वे यहां आए। वे कोर्ट का सम्मान करते हैं और शनिवार को 11 बजे कोर्ट जाने वाले थे।”
सांसद ने पुलिस के व्यवहार को खतरनाक बताते हुए कहा कि पिछली बार कोरोना के समय और अब बेटी के साथ ज्यादती का मामला उठाने पर उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया है।










