चिराग पासवान ने दिया आधुनिक इको-सिस्टम का मंत्र
उदयपुर।
भारत को वैश्विक खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) का हब बनाने और किसानों की आय में क्रांतिकारी वृद्धि के उद्देश्य से राजस्थान के लेक सिटी उदयपुर में दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ संपन्न हुआ। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में केंद्र और राज्यों ने मिलकर एक ऐसी रणनीतिक रूपरेखा तैयार की है, जो अगले पांच वर्षों में भारत के खाद्य प्रसंस्करण स्तर को दोगुना करने का मार्ग प्रशस्त करेगी।
शिविर का उद्घाटन करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि सरकार एक आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और समावेशी इको-सिस्टम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसका सीधा लाभ युवाओं और महिलाओं को रोजगार के रूप में मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करना और मूल्यवर्धन (Value Addition) को बढ़ाना ही मंत्रालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दौरान स्टार्टअप्स की सफलता की कहानियों पर आधारित विशेष लेखों का विमोचन भी किया गया।
6 समूहों में हुआ गहन मंथन: प्रमुख सिफारिशें
शिविर के दौरान विशेषज्ञों और अधिकारियों को छह विषयगत समूहों में बांटा गया था। चर्चा के बाद कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने आए:
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निर्यात वृद्धि: ‘ब्रांड इंडिया’ को बढ़ावा देने के लिए एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म और गैस्ट्रो-डिप्लोमेसी (पाक कला कूटनीति) का उपयोग।
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संस्थागत सुधार: ‘राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण संवर्धन परिषद’ की स्थापना और ‘भारत गुणवत्ता खाद्य चिह्न’ की शुरुआत का प्रस्ताव।
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तकनीकी नवाचार: एआई-सक्षम निगरानी, त्वरित परीक्षण प्रणाली और मशीनरी का स्वदेशी निर्माण।
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भ्रांति निवारण: प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों से जुड़े मिथकों को दूर करने के लिए स्कूली पाठ्यक्रम में खाद्य विज्ञान को शामिल करने का सुझाव।
राज्यों ने पेश किया ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ मॉडल
शिविर में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों ने अपनी सफल योजनाओं का खाका खींचा:
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उत्तर प्रदेश: सिंगल विंडो क्लीयरेंस और फूड पार्कों के जरिए क्षमता दोगुनी करने का लक्ष्य।
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महाराष्ट्र: पीएमएफएमई योजना में नेतृत्व और महिला केंद्रित उद्यमों पर जोर।
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आंध्र प्रदेश: कॉफी, कोको और मत्स्य पालन में क्लस्टर-आधारित सफलता।
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छत्तीसगढ़ ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मध्य प्रदेश ने एकीकृत प्रसंस्करण क्लस्टर और उत्तराखंड ने बागवानी आधारित मॉडल प्रस्तुत किया।
उदयपुर को मिली कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर की सौगात
चिराग पासवान ने उदयपुर की कृषि उपज मंडी समिति (केयूएमएस) में ‘कॉमन इन्क्यूबेशन सुविधा केंद्र’ का उद्घाटन किया। यह केंद्र मसालों के साथ-साथ सीताफल, जामुन, आंवला और एलोवेरा जैसे लघु वन उत्पादों के प्रसंस्करण में स्थानीय उद्यमियों की मदद करेगा।
शिविर में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग सचिव, विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के अतिरिक्त मुख्य सचिव, आंध्र प्रदेश और पंजाब के प्रधान सचिव, वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव सहित 22 मंत्रालयों और 27 राज्यों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए। साथ ही एनआईएफटीईएम, इन्वेस्ट इंडिया और 30 से अधिक उद्योग सदस्यों ने भी शिरकत की।










