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अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था 45 अरब डॉलर पहुंचेगी, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का दावा
नई दिल्ली। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक मीडिया सम्मेलन में कहा कि एआई और जैव प्रौद्योगिकी अगली औद्योगिक क्रांति को संचालित करेंगे। सिंह ने बताया कि भारत के पास अब समर्पित बीआईओई3 (अर्थव्यवस्था, रोजगार और पर्यावरण के लिए जैव प्रौद्योगिकी) नीति, राष्ट्रीय क्वांटम मिशन और भारतीय एआई मिशन है। सम्मेलन में उन्होंने डिजिटल उपकरण पुरस्कार विजेताओं को भी बधाई दी।
सिंह ने कहा कि 2020 में निजी भागीदारी के लिए खोले गए अंतरिक्ष क्षेत्र की अर्थव्यवस्था वर्तमान 9 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर अगले 8 से 9 वर्षों में 40-45 अरब अमेरिकी डॉलर हो जाएगी। उन्होंने चंद्रयान मिशन द्वारा चंद्रमा पर जल अणुओं की खोज और अंतरिक्ष स्टार्टअप्स के यूनिकॉर्न बनने का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि परमाणु क्षेत्र भी निजी कंपनियों के लिए खोला जा रहा है। तकनीक ने शिक्षा को लोकतांत्रिक बनाया है, जिससे छोटे शहरों से भी युवा उद्यमी और डिजिटल संसाधनों से आईआईटी-जेईई उत्तीर्ण करने वाले छात्र उभर रहे हैं।
सरकार ने लगभग 2000 अप्रचलित कानूनों को समाप्त किया है और दस्तावेजों के लिए राजपत्रित अधिकारी सत्यापन की अनिवार्यता खत्म की है। सिंह ने अविवाहित बेटियों के पारिवारिक पेंशन अधिकारों, महिला सरकारी कर्मचारियों के नामांकन और 10 वर्ष से पहले मृत कर्मचारियों के परिवारों के लिए पेंशन प्रावधानों में सुधार का जिक्र किया। उन्होंने विजन 2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी और संपूर्ण सरकार के साथ-साथ संपूर्ण राष्ट्र का दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।









