विनाशकारी भूकंप के बावजूद म्यांमार सेना के हमले जारी, सशस्त्र समूहों ने की निंदा
OM Darpan
नेपीडॉ
म्यांमार में 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप के बाद 1,700 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सेना ने नागरिक इलाकों पर हवाई हमले जारी रखे हैं, जिसके कारण सरकार विरोधी सशस्त्र समूहों ने कड़ी आलोचना की है। इन समूहों में से 'करेन नेशनल यूनियन' (केएनयू) ने एक बयान में कहा कि भूकंप के इस संकट में सेना राहत कार्यों के बजाय नागरिकों पर हमले कर रही है। आमतौर पर ऐसी आपदाओं में सेना को बचाव कार्यों में लगना चाहिए, लेकिन म्यांमार की सैन्य सरकार (जुंटा) अपने ही नागरिकों पर हमले करने में व्यस्त है।
भूकंप के तुरंत बाद हवाई हमले
2021 में म्यांमार में हुए तख्तापलट के बाद से सेना और सशस्त्र विद्रोही समूहों के बीच संघर्ष जारी है। सेना ने लोकतांत्रिक सरकार से सत्ता छीन ली थी, जिससे देश में गृह युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। शुक्रवार को 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप के तुरंत बाद सेना ने केएनयू के मुख्यालय के पास हवाई हमले और ड्रोन हमले शुरू कर दिए। राहत संगठन 'फ्री बर्मा रेंजर्स' के अनुसार, भूकंप का केंद्र सेना द्वारा नियंत्रित क्षेत्र में था, लेकिन इसका प्रभाव विरोधी गुटों के इलाकों तक भी पहुंचा।
'राष्ट्रीय एकता सरकार' (एनयूजी) ने रविवार को घोषणा की कि उसके नियंत्रण में काम करने वाले विरोधी सशस्त्र समूह दो हफ्ते के लिए सैन्य कार्रवाई रोक देंगे। क्राइसिस ग्रुप के वरिष्ठ सलाहकार रिचर्ड हॉर्सी ने बताया कि कुछ विरोधी समूहों ने लड़ाई रोक दी है, लेकिन कई इलाकों में संघर्ष अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि सेना प्रभावित इलाकों में कोई मदद नहीं दे रही है, बल्कि हवाई हमले कर रही है, जिसे तुरंत रोकना चाहिए। स्थानीय दमकल विभाग, एंबुलेंस सेवा और सामुदायिक संगठन राहत कार्यों में लगे हुए हैं, लेकिन इस संकट में सेना की ओर से कोई मदद नहीं दी जा रही है।
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