14 सितम्बर 2026 |
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

"साहब! मेरा धान खरीद लो वरना कूद जाऊंगा... कर्ज में डूबे किसान ने अंतिम दिन टावर पर चढ़कर सांसे अटकाईं"

OM Darpan

Feb 01, 2026 06:09 am 317 views
"साहब! मेरा धान खरीद लो वरना कूद जाऊंगा... कर्ज में डूबे किसान ने अंतिम दिन टावर पर चढ़कर सांसे अटकाईं"
  • सिस्टम से हारकर टावर पर चढ़ा अन्नदाता: 1.50 लाख के कर्ज और धान नहीं बिकने से था परेशान

  • जांजगीर में घंटों चला हाईवोल्टेज ड्रामा

किसान टावर पर चढ़ा  

जांजगीर-चांपा।

जिले में धान खरीदी के अंतिम दिन प्रशासनिक अव्यवस्था की एक और दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। सिस्टम की सुस्ती और बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी टोकन न कटने से हताश एक किसान ने अपनी जान जोखिम में डाल दी। मामला नवागढ़ ब्लॉक के ग्राम कसौंदी का है, जहां किसान अनिल सूर्यवंशी धान नहीं बिकने से क्षुब्ध होकर गांव में लगे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। इस घटना के बाद पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।

अंतिम दिन तक नहीं बिका धान, टूट गया सब्र

जानकारी के मुताबिक, कसौंदी निवासी किसान अनिल सूर्यवंशी पर करीब 1.50 लाख रुपये का कर्ज है। वह अपनी धान की फसल बेचकर इस कर्ज को चुकाने की आस लगाए बैठा था। धान खरीदी की समय सीमा समाप्त होने को थी और आज खरीदी का अंतिम दिन बताया जा रहा था। इसके बावजूद, कई दिनों से केंद्र के चक्कर काटने के बाद भी उसका टोकन नहीं कट पाया। सिस्टम की इसी बेरुखी और फसल न बिकने के डर ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया, जिसके चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

गांव में मची अफरा-तफरी, प्रशासन की सांसें अटकीं

जैसे ही ग्रामीणों ने अनिल को टावर की ऊंचाई पर चढ़ते देखा, गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस की रिस्पॉन्स टीम और प्रशासनिक अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे।

पिछले दो घंटों से पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लाउडस्पीकर और संवाद के जरिए किसान को नीचे उतारने की कोशिश में जुटे हैं। पुलिस अधिकारियों द्वारा किसान को लगातार भरोसा दिलाया जा रहा है कि उसके धान की खरीदी सुनिश्चित की जाएगी और उसकी समस्या का तत्काल निराकरण किया जाएगा।

व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना ने जिले में धान खरीदी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि अनिल अकेले ऐसे किसान नहीं हैं, जो परेशान हैं। टोकन वितरण में पारदर्शिता की कमी और लेटलतीफी के कारण कई किसान मानसिक तनाव झेल रहे हैं। फिलहाल मौके पर स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। प्रशासन की प्राथमिकता किसान को सुरक्षित नीचे उतारना है।

Tags

शेयर करें

विज्ञापन / Advertisement

Government Advertisement
260914152612878

विज्ञापन

Advertisement