



गोपेश्वर।
हेलंग-मारवाड़ी बाईपास पर सड़क निर्माण कार्य में कटिंग के दौरान एक चट्टान टूटकर जेसीबी मशीन पर गिर गई, जिससे आपरेटर गंभीर रूप से घायल हो गया। वहां मौजूद अन्य कर्मियों ने उसे तत्काल पत्थरों के नीचे से निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोशीमठ ले गए। आपरेटर के सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान अमर सिंह, निवासी मुखेरिया, थाना तलवाड़ा, जिला होशियारपुर, पंजाब के रूप में हुई है।
उत्तराखंड के गोपेश्वर में चट्टान टूटकर जेसीबी मशीन पर गिरने से ऑपरेटर की मौत
हेलंग मारवाड़ी बाईपास निर्माण कार्य में रोड कटिंग के दौरान हुआ हादसा
पंजाब के होशियारपुर का रहने वाला था जेसीबी मशीन आपरेटर pic.twitter.com/huuVszR3Ka
— UP Desk (@NiteshSriv007) November 11, 2024
हेलंग-मारवाड़ी बाईपास का निर्माण सीमा सड़क संगठन के अधीन केसीसी बिल्डकान प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा किया जा रहा है। सोमवार दोपहर को जेसीबी मशीन से सड़क कटिंग का कार्य चल रहा था, तभी अचानक भारी-भरकम चट्टान मशीन के ऊपर गिर गई। इससे मशीन आपरेटर पत्थरों के नीचे दब गया। अन्य कर्मियों ने उसे तत्काल निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोशीमठ पहुंचाया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
इससे पहले भी बाईपास निर्माण के दौरान पहाड़ी से भारी मात्रा में भूस्खलन हुआ था, जिसमें जेसीबी मशीन क्षतिग्रस्त हो गई थी, लेकिन वहां मौजूद मजदूरों ने किसी तरह अपनी जान बचाई थी।
इसके साथ ही, आपदा प्रभावित जोशीमठ नगर में इन दिनों भालुओं का आतंक भी बढ़ता जा रहा है, जिससे लोगों में भय व्याप्त है। जोशीमठ नगर के मनोहर बाग वार्ड के ग्रामीणों ने नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के वनाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें भालुओं के आतंक से निजात दिलाने की गुहार लगाई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो माह से जोशीमठ क्षेत्र में भालुओं का झुंड मौहल्लों, खेतों और पैदल रास्तों में दिखाई दे रहा है, जिससे कई मवेशी मारे गए हैं और हाल ही में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
ज्ञापन सौंपने वालों में आरती उनियाल, आशा सती, बीना पंवार, विजया रावत सहित कई अन्य लोग शामिल थे। उन्होंने वन विभाग से भालुओं के आतंक से छुटकारा दिलाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।





