✍️ विशेष संवाददाता
रायपुर | रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (केटीयू) में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर कुलपति प्रो. डॉ. मनोज दयाल ने खेल भावना पर जोर देते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक और मानसिक तंदुरुस्ती का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये विपरीत परिस्थितियों में भी अंतिम क्षण तक संघर्ष कर जीत हासिल करने का साहस देते हैं। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
खेलों से निखरता है व्यक्तित्व और जीवन-कौशल
विश्वविद्यालय प्रांगण में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रो. डॉ. मनोज दयाल ने कहा कि खेलों के माध्यम से टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, धैर्य, उत्साह और सकारात्मकता जैसे जीवन-मूल्यों का विकास होता है। उन्होंने बताया कि ये गुण न केवल व्यक्तित्व को संतुलित और बहुआयामी बनाते हैं, बल्कि आज के दौर में तनाव मुक्त जीवन जीने का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं। उनके अनुसार, आपसी समन्वय का पाठ भी खेल के मैदान से ही सीखा जा सकता है।
‘ओंकार दौड़’ और ‘सुदर्शन चक्र’ जैसे नवाचारी खेलों की रही धूम
राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय परिसर में विविध पारंपरिक एवं नवाचारी खेलों की धूम रही। विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों ने ‘ओंकार दौड़’, ‘केंद्र कबड्डी’, ‘नेताजी की पहचान’, ‘मत चूको चौहान’, ‘शेर-आदमी-बंदूक’ और ‘सुदर्शन चक्र’ जैसी स्पर्धाओं में बढ़-चढ़कर भाग लिया। इन रोचक प्रतियोगिताओं ने पूरे परिसर के माहौल को स्फूर्ति और उल्लास से भर दिया।
विश्वविद्यालय परिवार की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर कुलपति प्रो. डॉ. मनोज दयाल के साथ विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुनील शर्मा, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक और कर्मचारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भी मैदान में उतरकर खेल भावना का परिचय दिया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों में गजब का उत्साह देखने को मिला और सभी ने एकजुट होकर इन खेल आयोजनों को सफल बनाया।








