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इंदौर में 400 केवी सबस्टेशन पर वन विभाग और ट्रांसको टीम की संयुक्त कार्रवाई, तेंदुआ सुरक्षित पकड़ा गया
इंदौर |
मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के लिए गुरुवार की रात बेहद जोखिमभरी साबित हुई। इंदौर स्थित 400 केवी सबस्टेशन में अर्धरात्रि के समय अचानक एक तेंदुआ घुस आया। उस समय ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने असाधारण साहस और सतर्कता दिखाते हुए संभावित बड़ी दुर्घटना को टाल दिया।
सिक्योरिटी गार्ड्स ने सबसे पहले देखी हलचल
सबस्टेशन के यार्ड क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी को सबसे पहले आउटसोर्स सिक्योरिटी गार्ड कृष्णा बघेला और सूरज मोहनिया ने देखा। उनके साथ मेंटेनेंस टीम के सदस्य श्रीराम अभिलाष भी मौके पर थे। इन सभी ने तुरंत ऑपरेशन और मेंटेनेंस टीम को सूचना दी।
सतर्कता से बचाई गई टीम की जान
टीम के सदस्यों ने धैर्य और सूझबूझ से सभी कर्मियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और किसी भी तरह की अफरा-तफरी या नुकसान को होने से रोका। इसके बाद अटेंडेंट केके मिश्रा ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी।
रेस्क्यू ऑपरेशन में तेंदुआ सुरक्षित पकड़ा गया
सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सबस्टेशन यार्ड में अस्थायी पिंजरा स्थापित कर अभियान शुरू किया। कई घंटों के प्रयास के बाद तेंदुए को सुरक्षित रूप से पिंजरे में कैद कर बिना किसी हानि के सुरक्षित स्थान पर भेजा गया।
टीमवर्क और संवेदनशीलता की सराहना
एमपी ट्रांसको के प्रबंध निदेशक ने घटना में शामिल सभी कर्मियों की सतर्कता, टीमवर्क और मानवीय संवेदनशीलता की सराहना की है।
इस सराहनीय कार्य में आउटसोर्स कर्मियों के साथ केके मिश्रा, असिस्टेंट इंजीनियर अतुल पराड़कर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर नूतन शर्मा और सुपरिटेंडेंट इंजीनियर जयेश चोपड़ा की सक्रिय भूमिका रही।
प्रबंधन ने घोषणा की है कि इस साहसिक और प्रेरणादायी कार्य के लिए संबंधित सभी कर्मियों को सम्मानित कर पुरस्कृत किया जाएगा।









