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महानदी को विवाद नहीं साझा समृद्धि का आधार बनाने पर दोनों राज्यों में बनी सहमति
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच वर्षों से लंबित महानदी जल विवाद के स्थायी और सौहार्दपूर्ण समाधान की दिशा में गुरुवार को नई दिल्ली स्थित श्रमशक्ति भवन में बड़ी पहल हुई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी ने शिरकत की। बैठक में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू सहित दोनों राज्यों के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।
विवाद नहीं समाधान की नई शुरुआत
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि महानदी छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों की साझा जीवनरेखा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस बैठक को किसी विवाद की निरंतरता के रूप में नहीं, बल्कि समाधान की एक नई शुरुआत के तौर पर देखती है। श्री साय ने जोर दिया कि संवाद और सहयोग का जो माहौल बना है, वह भविष्य में स्थायी और व्यावहारिक समाधान का मजबूत आधार बनेगा। उन्होंने ओडिशा की सिंचाई, पेयजल और हीराकुंड परियोजना की जरूरतों का सम्मान करते हुए छत्तीसगढ़ के किसानों, आदिवासी अंचलों और सूखा प्रभावित क्षेत्रों की आवश्यकताओं पर भी संवेदनशीलता दिखाने की बात कही।
विशेषज्ञों की रिपोर्ट और साझा प्रबंधन पर जोर
मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि विशेषज्ञों द्वारा किए गए तकनीकी और वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर भविष्योन्मुख व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने कम वर्षा वाले वर्षों के लिए एक साझा जल प्रबंधन प्रणाली और एक स्थायी संस्थागत तंत्र बनाने का प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक एवं तकनीकी स्तर पर अधिकांश विषयों को आपसी समन्वय से सुलझाने की वकालत की। उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल और केंद्रीय जल आयोग से निष्पक्ष तकनीकी सहयोग और समझौते का प्रारूप तैयार करने में सक्रिय भूमिका निभाने का अनुरोध किया।
बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं ओडिशा सरकार के मुख्य सचिव और उनके जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि सहकारी संघवाद की भावना से ही जटिल विषयों का समाधान संभव है।









