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माओवादियों ने पूर्व में संगठन में सक्रिय रहे अपने आत्मसमर्पित माओवादी साथी को उतारा मौत के घाट |

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सुकमा/ कौशल संदुजा

विगत कुछ दिनों पूर्व नक्सल दम्पति बारसे मासा उर्फ मांझी एवं मड़कम सुक्की के द्वारा खोखली नक्सलवादी विचारधारा से तंग एवं प्रताड़ित होकर परिवार सहित खुशहाल जीवन जीने के उद्देश्य से आंध्रप्रदेश पुलिस के समक्ष किया था आत्मसमर्पण।

समर्पण पश्चात अपने गृह ग्राम में निवासरत् होकर आम नागरिको के तरह खेती किसानी का काम कर जीवन यापन कर रहे थे।

जिस माओवादी संगठन में जुड़कर अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय घर परिवार से दूर जंगल-जंगल भटकर, सुरक्षा बलो के द्वारा पकड़े जाने के डर के साये में रहते हुए, माओवादियों के लिए विकास विरोधी एवं शासन विरोधी अवैध कृत्य शामिल रहे उसी माओवादी संगठन के आन्ध्रा – ओड़िशा – तेलंगाना के बाहरी बड़े माओवादियों के आदेश पर आत्मसमर्पण कर आम नागरिकों के तरह जीवन जीने से रोकने के लिये आंतकित करने के उद्देश्य से हत्या की घटना किया गया है।

छत्तीसगढ़ शासन के महत्वाकांक्षी योजना “नियद नेल्लानार” व नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर एवं जिले के सुरक्षा बलों के द्वारा तेज किये हुए नक्सल विरोधी आपरेशन से माओवादियों का प्रभाव क्षेत्र लगातार सिमटते जा रहे एवं उनका जनाधार लगातार समाप्त होते जा रहे है । खोखली नक्सलवाद के विचारधारा को छोड़कर क्षेत्र के माओवादी बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण कर समाज के मुख्यधारा में शामिल हो रहे है जिससे नक्सलियों के टाप लीडर बौखलाये हुये है और जनता को आतंकित कर अपना प्रभाव बढ़ाने इस प्रकार की घटना को अंजाम दे रहे। अपने घटते जनाधार एवं प्रभाव को बढ़ाने के उद्देश्य से आम नागरिकों एवं सामान्य जीवन यापन कर रहे आत्मसमर्पित माओवादियों को झूठे एवं फर्जी आरोप लगाकर हत्या, मार-पीट, प्रताड़ना, शोषण, लेव्ही वसूली करना, जबरन नक्सल हिंसा के कार्यो में संलिप्त कर रहे है ।

माओवादियों के द्वारा भोले-भाले आदिवासी ग्रामीणों को उनका हितैषी बताकर मिथ्या बातों का प्रचार कर माओवादी संगठन मे भर्ती कर एवं ग्रामीणों को दबाव पूवर्क डर दिखाकर सहयोग लेकर नक्सल संगठन को संचालन कर रहे है एवं उनके खोखली विचारधारा की ज्ञान होने / उनके शोषण एवं प्रताड़ना से तंग आकर विरोध करने पर एवं माओवादी संगठन को छोड़कर आत्समर्पण करने पर एवं नक्सल गतिविधियों सहयोग नही करने पर मासूम आदिवासी ग्रामीणों / आत्मसमर्पित माओवादियों को जन-अदालत लगाकर हत्या करना, प्रताड़ित करना, आर्थिक शोषण, प्रतिबंध लगाना जैसे अवैधानिक एवं अमानवीय कृत्य किया जा रहा है ।

माओवादियों के द्वारा सुरक्षा बल के जवान को टारगेट करने के लिए गांवों के नजदीक जंगल एवं पगडंडी रास्ते, ग्राम पहुंच मार्ग में आईईडी प्लांट किया जा रहा है जिसके चपेट मे आकर आम ग्रामीणों की मृत्यु एवं गंभीर रूप से घायल हो जा रहे साथ ही उनके मवेशी एवं पालतू जानवर भी आईईडी की चपेट में आ जाने से आर्थिक क्षति हो रहा है इस प्रकार के कृत्य से ग्रामीण काफी परेशान एवं तंग आ चूके है।

 

omdarpan

माओवादियों द्वारा मासूम आदिवासियों के साथ कई हिंसक घटनायें किया गया है।

जो इस प्रकार है :-

दिनांक 07.07.2024 को थाना किस्टाराम क्षेत्रान्तर्गत ग्राम साकलेर में पुलिस – मुखबीरी के झूठा आरोप लगाकर ग्रामीण को मार-पीट कर गला घोटकर हत्या किया गया।

माओवादियों के द्वारा दिनांक 26.05.2024 को थाना चिंतलनार क्षेत्रान्तर्गत ग्राम भीमापुरम में आईईडी प्लांट किया गया है जिसमें 01 बालिका के बायें पैर उड़ जाने से गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे सुरक्षा बलों के द्वारा बेहतर उपचार हेतु रायपुर के एम्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

दिनांक 13.06.2024 को थाना जगरगुण्डा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम बेदरे के ग्रामीण को जन-अदालत लगाकर पुलिस के मुखबिरी का आरोप लगाकर उनके परिवार व ग्रामीणों के सामने हत्या कर दिया गया था ।

वर्ष 2023 एवं वर्ष 2024 में माओवादियों द्वारा ग्राम ताड़मेटला, जब्बागट्टा, कहेर दुलेड़ के कुल 06 ( शिक्षादूत, उप सरपंच) आम ग्रामीणों को मौत की घाट में उतारा गया था । माओवादियों के द्वारा गांव-गांव में शासन की विकास कार्य एवं मूलभूत सुविधायें पहूंचाने में हिंसक घटनायें कर बाधा पूहुंचाने का कार्य भी कर रहें है|

 

थाना भेजी क्षेत्रान्तर्गत दिनांक 13.02.2024 को ग्राम कोत्ताचेरु – भण्डारपदर मार्ग के पास ग्राम भण्डारपदर में बिजली पहूंचाने (विद्युतीकरण) के कार्य में लगे मजदूर की हत्या कर दिया गया।

थाना जगरगुण्डा क्षेत्रान्तर्गत नल-जल योजना के तहत पाइप लाईन के कार्य में लगे मजदूरों को अपहरण कर मारपीठ करना भयभीत कर कार्य को रोकना तथा जेसीबी वाहन को लूट कर ले गये ।

जिले के सक्रिय स्थानीय माओवादियों से अपील है दूसरे राज्य के बड़े माओवादियों के झूठे वादे एवं झांसा में ना आये नक्सलियों के खोखले विचारधारा को पहचाने और समाज के मुख्यधारा में जुड़कर खुशहाल जीवन परिवार सहित जीनें का अवसर का फायदा उठायें एवं शासन की बहु – विकासमूलक योजनाओं का लाभ लेवें ।

 

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