दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
नगर पालिक निगम दुर्ग की महापौर अलका बाघमार ने आज आयुक्त सुमित अग्रवाल के साथ उरला क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 57 (पटरी पार) में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ देवनारायण चंद्राकर, शेखर चंद्राकर, ज्ञानेश्वर ताम्रकार सहित स्वच्छता विभाग के अधिकारीगण और जोन प्रभारी भी मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान क्षेत्र की अत्यंत खराब सफाई व्यवस्था पर महापौर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।

सफाई व्यवस्था पर गहरी नाराजगी
निरीक्षण के दौरान महापौर ने पाया कि क्षेत्र के प्रमुख नालों के ऊपर घास और कचरे की मोटी परत जम चुकी है। नालियों की समय पर सफाई न होने से वर्षा जल की निकासी नहीं हो पा रही है, जिसके कारण सड़कों पर जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है। इस जलभराव के चलते क्षेत्रवासियों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें विशेषकर वृद्धजन, महिलाएं और स्कूल जाने वाले बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। महापौर और आयुक्त ने मौके पर ही जनता को हो रही दिक्कतों पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की।
लापरवाह सफाईकर्मी को सख्त चेतावनी
निरीक्षण के दौरान, महापौर एवं आयुक्त ने मौके पर मौजूद एक सफाईकर्मी को झाड़ू ठीक से न लगाते हुए और कचरे को सीधे नाली में डालते हुए देखा। इस पर महापौर ने सफाईकर्मी को मौके पर ही कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “नाली में कचरा डालना न केवल सफाई नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सफाई व्यवस्था में ऐसी लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
अधिकारियों को त्वरित सुधार के निर्देश
महापौर ने आयुक्त और स्वास्थ्य अधिकारियों को तत्काल नालियों की सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने कहा कि नियमित निगरानी कर यह सुनिश्चित किया जाए कि सफाईकर्मी अपनी जिम्मेदारियां पूरी निष्ठा के साथ निभाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जहां आवश्यक हो, वहां अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती की जाए तथा नालों में जमा कचरे को यथाशीघ्र हटाया जाए, ताकि जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त हो सके।
“जनता की समस्याएं प्राथमिकता में हों”
महापौर अलका बाघमार ने जोर देकर कहा कि “नगर निगम का पहला कर्तव्य है कि वह नागरिकों को साफ-सुथरा और सुरक्षित वातावरण प्रदान करे। वर्षा ऋतु में जलनिकासी की दुरुस्त व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। निगम की कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उन्होंने अधिकारियों को जनता की समस्याओं को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखने के लिए निर्देशित किया।









