कोंडागांव।
महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े आज कोंडागांव जिले के प्रवास पर रहीं। अपने दौरे के दौरान उन्होंने जिले में महिलाओं के सशक्तिकरण और स्थानीय कला-शिल्प को बढ़ावा देने संबंधी गतिविधियों का अवलोकन किया। मंत्री ने स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।
कला और संस्कृति का अवलोकन
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कोंडागांव में स्थित शबरी एंपोरियम का दौरा किया, जहां उन्होंने बेलमेटल कला की उत्कृष्ट कलाकृतियों को देखा। उन्होंने इस प्राचीन और प्रसिद्ध शिल्प कला के बारे में गहरी रुचि दिखाई और इसे बढ़ावा देने की बात कही। इस दौरान उन्होंने प्रसिद्ध शिल्पकार डॉ. जयदेव बघेल के पुत्र भूपेंद्र बघेल से मुलाकात की और उनसे बेलमेटल कला की बारीक शिल्प प्रक्रिया और इसके इतिहास के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
कृषि उत्पादों पर जानकारी
अपने कोंडागांव प्रवास के दौरान मंत्री राजवाड़े ने नारियल विकास बोर्ड के कार्यालय का भी दौरा किया। यहां उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से क्षेत्र में नारियल, कोको और काली मिर्च के उत्पादन संबंधी विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने इन कृषि उत्पादों के विकास और किसानों को होने वाले लाभ पर चर्चा की।
महिलाओं के स्वावलंबन को सराहा
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े कोंडागांव स्थित गारमेंट फैक्ट्री भी पहुंचीं, जहां महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों को देखकर उन्होंने हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त की। यह फैक्ट्री पिछले तीन वर्षों से सफलतापूर्वक संचालित हो रही है और इसने सीधे तौर पर 300 महिलाओं को रोजगार प्रदान किया है, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकी हैं। इस पहल की सराहना करते हुए मंत्री राजवाड़े ने ऐसी स्वरोजगार इकाइयों के विस्तार पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को और अधिक स्वावलंबी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि वे समाज और अर्थव्यवस्था में अपनी सशक्त भूमिका निभा सकें।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक पीएस एल्मा, एसडीएम अजय उरांव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी मंत्री के साथ उपस्थित रहे और उन्होंने विभिन्न गतिविधियों में सहयोग प्रदान किया।






