नई दिल्ली (ओमदर्पण न्यूज़)।
चुनाव आयोग (ECI) के मजबूत आईटी प्लेटफॉर्म ‘ईसीआईएनईटी’ (ECINET) ने विधानसभाओं के लिए आम चुनाव और उपचुनाव 2026 के दौरान अपनी तकनीकी शक्ति का लोहा मनवाया है। इस प्लेटफॉर्म ने रीयल-टाइम (तत्क्षण) निगरानी, त्वरित रिपोर्टिंग और पारदर्शिता बढ़ाकर निर्वाचन प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने में अहम भूमिका निभाई है।
10 करोड़ से अधिक डाउनलोड, बिहार से हुई थी शुरुआत
जनवरी 2026 में आधिकारिक लॉन्चिंग के बाद से ईसीआईएनईटी ऐप को जबर्दस्त रिस्पांस मिला है। अब तक इसे 10 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है। गौरतलब है कि इस प्लेटफॉर्म के बीटा संस्करण (Beta Version) का सफल प्रयोग पहली बार नवंबर 2025 में हुए बिहार चुनावों में किया गया था।
एक मिनट में आए 3 करोड़ हिट्स
चुनाव के दौरान इस ऐप के उपयोग के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। मतदान के दिनों (9, 23 और 29 अप्रैल) में ईसीआईएनईटी पर 98.3 करोड़ से अधिक हिट दर्ज किए गए। वहीं, मतगणना के दिन (4 मई 2026) जब चुनाव परिणामों को लेकर पूरे देश में उत्सुकता थी, तब इस प्लेटफॉर्म पर प्रति मिनट औसतन 3 करोड़ हिट दर्ज किए गए।
विदेशी और घरेलू हैकर्स के 68 लाख साइबर हमले नाकाम
चुनाव आयोग की तकनीकी टीम और साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल ने मतगणना के दिन बड़ी सफलता हासिल की। भारत और विदेश दोनों जगहों से उत्पन्न हुए 68 लाख से अधिक दुर्भावनापूर्ण साइबर हमलों (Malicious Attacks) को प्रभावी ढंग से नाकाम कर दिया गया। इन हैकर्स के निशाने पर चुनाव परिणाम पोर्टल सहित कई प्रमुख चुनावी प्लेटफॉर्म थे।
पहली बार QR कोड आधारित सुरक्षा प्रणाली का हुआ इस्तेमाल
इन चुनावों में मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया। पहली बार सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतगणना के दिन ईसीआईएनईटी के जरिए क्यूआर (QR) कोड आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली का उपयोग किया गया। मतगणना के दिन 3.2 लाख से अधिक क्यूआर कोड जेनरेट किए गए, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि केवल अधिकृत कर्मी ही मतगणना स्थलों में प्रवेश कर सकें और किसी भी तरह की अनधिकृत घुसपैठ को रोका जा सके।









