BIG BREAKING: नागपुर मंदिर हादसा: निर्माणाधीन गेट गिरने से 17 मजदूर घायल
OM Darpan
Aug 10, 2025 06:09 am
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10 Aug 2025
नागपुर.
महाराष्ट्र के नागपुर जिले के कोराडी स्थित प्रसिद्ध महालक्ष्मी जगदंबा देवस्थान में शनिवार रात करीब 8 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। मंदिर के निर्माणाधीन गेट की स्लैब अचानक भरभराकर गिर गई। इस दर्दनाक घटना में वहां काम कर रहे 17 मजदूर मलबे के नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। कई मजदूरों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
कैसे हुआ हादसा
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, शनिवार शाम से नागपुर में तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान मंदिर परिसर में चल रहे गेट निर्माण कार्य के ऊपर लगी स्लैब अचानक गिर पड़ी। हादसा इतना अचानक हुआ कि मजदूरों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे मलबे के नीचे दब गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और आसपास के लोगों ने तुरंत राहत व बचाव कार्य शुरू किया। बाद में नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की टीम भी मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का काम तेज कर दिया। मलबा हटाने के लिए JCB मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।अधिकारियों ने संभाली कमान
हादसे की जानकारी मिलते ही जिला कलेक्टर विपिन इटंकर और डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस निकेतन कदम खुद घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे ऑपरेशन की निगरानी की। जिला कलेक्टर ने बताया कि हादसे में कुल 17 मजदूर घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है। उन्होंने लोगों से अफवाहें फैलाने से बचने और बचाव कार्य में सहयोग करने की अपील की। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है और डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर रख रही है। गंभीर रूप से घायल कुछ मजदूरों को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर भी किया गया है।जांच के आदेश
अधिकारियों के अनुसार, स्लैब गिरने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। विशेषज्ञों की एक टीम जल्द ही मौके का मुआयना करेगी ताकि निर्माणाधीन ढांचे की तकनीकी खामियों और लापरवाही की जांच हो सके। इस हादसे की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। महाराष्ट्र के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है और नागपुर में भी रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है। अधिकारियों का मानना है कि बारिश भी इस हादसे का एक संभावित कारण हो सकती है, क्योंकि गीली सतह और पानी का दबाव निर्माणाधीन ढांचे पर असर डाल सकता है। इस हादसे के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। मंदिर क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए, जो घायलों के बचाव में मदद कर रहे थे। कई लोग अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों और उनके परिवारों का हाल-चाल लेने लगे। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे हादसे के बारे में अफवाहें न फैलाएं और मौके पर मौजूद बचाव दलों को सहयोग दें। प्रशासन ने यह भी कहा कि घायलों के इलाज में किसी भी तरह की कमी नहीं छोड़ी जाएगी और उनके परिवारों की हर संभव मदद की जाएगी।
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