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बिहार चुनाव 2025: चुनाव आयोग की कड़ी निगरानी, 108 करोड़ जब्त

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OM Darpan

Nov 04, 2025 02:47 am 171 views
बिहार चुनाव 2025: चुनाव आयोग की कड़ी निगरानी, 108 करोड़ जब्त
नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधान सभा के आम चुनाव 2025 और 8 विधान सभा सीटों के लिए उपचुनावों की घोषणा कर दी है। चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) लागू हो गई है, जिसके कड़ाई से पालन के लिए आयोग ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को कड़े निर्देश दिए हैं। आयोग ने सभी प्रवर्तन प्राधिकारियों को चुनाव के दौरान नकदी, मादक पदार्थ, शराब और अन्य प्रलोभनों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखने और उन्हें जब्त करने का निर्देश दिया है।

अवैध जब्ती में 108 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड

चुनाव आयोग की सख्ती का सीधा असर जमीन पर दिखाई दे रहा है। 03 नवंबर, 2025 तक विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से बहु-प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा 108.19 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध राशि जब्त की गई है। जब्त की गई संपत्ति का विवरण चौंकाने वाला है। इसमें 9.62 करोड़ रुपये नकद, 42.14 करोड़ रुपये मूल्य की शराब (9.6 लाख लीटर), 24.61 करोड़ रुपये मूल्य की दवाएं, 5.8 करोड़ रुपये मूल्य की कीमती धातुएं और 26 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की अन्य मुफ्त वस्तुएं शामिल हैं। यह जब्ती दर्शाता है कि आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं।

सी-विजिल: शिकायत पर 100 मिनट में कार्रवाई

आयोग ने पूरे बिहार में कुल 824 उड़न दस्ते तैनात किए हैं। इन दस्तों को विशेष रूप से निर्देश दिया गया है कि वे सी-विजिल ऐप पर दर्ज होने वाली शिकायतों पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करें। इस तकनीक-आधारित निगरानी प्रणाली से आचार संहिता के उल्लंघन को तुरंत रोका जा सकेगा और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। इसके अतिरिक्त, एक शिकायत निगरानी प्रणाली भी स्थापित की गई है, जिसके माध्यम से कोई भी नागरिक या राजनीतिक दल कॉल सेंटर नंबर 1950 पर अपनी शिकायत चौबीसों घंटे दर्ज करा सकता है।

जाँच के दौरान आम नागरिक न हो परेशानी

चुनाव आयोग ने प्रवर्तन प्राधिकारियों को यह भी स्पष्ट निर्देश दिया है कि अवैध गतिविधियों की जांच और निरीक्षण के दौरान आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा या परेशानी नहीं होनी चाहिए। आयोग ने इस बात पर बल दिया है कि सख्ती आवश्यक है, लेकिन आम जनजीवन बाधित नहीं होना चाहिए। नागरिक और राजनीतिक दल आदर्श आचार संहिता से जुड़े उल्लंघनों की रिपोर्ट ईसीआईएनईटी पर सी-विजिल ऐप का उपयोग करके भी कर सकते हैं।
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