भारत और चेक रिपब्लिक के रक्षा संबंधों को मिलेगी नई धार, 'मेक-इन-इंडिया' पर बनी सहमति
OM Darpan
नई दिल्ली.
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ाते हुए भारत ने चेक रिपब्लिक के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल की है। मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चेक रिपब्लिक के प्रथम उप-प्रधानमंत्री और उद्योग एवं व्यापार मंत्री कारेल हैवलिकेक के साथ एक अहम द्विपक्षीय बैठक की। इस उच्च स्तरीय वार्ता में दोनों देशों के बीच रक्षा उद्योग में आपसी सहयोग बढ़ाने और वैश्विक सुरक्षा के मोर्चे पर मिलकर काम करने की विस्तृत रूपरेखा तय की गई।
'आत्मनिर्भर भारत' को मिलेगी रफ्तार
राजधानी में हुई इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-चेक संयुक्त रक्षा समिति के तहत चल रहे मौजूदा सहयोग की बारीकी से समीक्षा की। इस दौरान अलग-अलग संयुक्त उपक्रमों की सफल स्थापना पर दोनों पक्षों ने संतोष व्यक्त किया। भारत और चेक रिपब्लिक 'मेक-इन-इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को गति देने के लिए रक्षा साझेदारी को और अधिक विस्तार देने पर सहमत हुए हैं। इसके अलावा क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए साझा प्रयासों की जरूरत पर भी बल दिया गया। दोनों नेताओं ने इस बात को खास तौर पर रेखांकित किया कि दोनों देशों के मजबूत रिश्ते ऐतिहासिक विश्वास, सांस्कृतिक संबंधों और आपसी सम्मान पर टिके हुए हैं।
बेंगलुरु-मुंबई के औद्योगिक केंद्रों का करेंगे दौरा
चेक रिपब्लिक के उप-प्रधानमंत्री कारेल हैवलिकेक फिलहाल भारत के चार दिवसीय अहम दौरे पर हैं। अपनी इस रणनीतिक यात्रा के दौरान वे केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के प्रतिनिधियों, शीर्ष व्यापारियों और उद्योगपतियों के साथ सीधी बातचीत कर रहे हैं। रक्षा और व्यापारिक निवेश की नई संभावनाओं को तलाशने के लिए वे आगामी दिनों में बेंगलुरु और मुंबई के प्रमुख उद्योगों का दौरा भी करेंगे, जिससे द्विपक्षीय कारोबार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
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