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डाक विभाग और स्टॉक होल्डिंग के बीच समझौता; अब डाकघरों में खुलेंगे डीमैट और ट्रेडिंग खाते
नई दिल्ली।
भारत सरकार के संचार मंत्रालय के डाक विभाग (डीओपी) ने देश के नागरिकों के लिए रेगुलेटेड कैपिटल मार्केट सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित डाक भवन में डाक विभाग और स्टॉक होल्डिंग सर्विसेज लिमिटेड (एसएसएल) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
भारतीय डाक अपने 1.65 लाख से अधिक डाकघरों के विशाल नेटवर्क के माध्यम से अब ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में भी वित्तीय सेवाओं को पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य भारतीय डाक की विश्वसनीयता और पहुंच का लाभ उठाकर संगठित पूंजी बाजार में आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना है।
डिजिटल सुविधाओं से लैस होंगे डाकघर
इस समझौते के तहत नागरिकों को डाकघरों और आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर क्यूआर कोड और ऑनबोर्डिंग लिंक जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इसके जरिए लोग आसानी से डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट खोल सकेंगे, म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकेंगे और आईपीओ (IPO) में हिस्सा ले सकेंगे। इसके अलावा अन्य स्वीकृत निवेश उत्पादों तक भी नागरिकों की सीधी पहुंच होगी।
वित्तीय साक्षरता पर जोर
समझौते के दौरान जानकारी दी गई कि स्टॉक होल्डिंग सर्विसेज लिमिटेड (एसएसएल) डाक विभाग के सहयोग से निवेशक शिक्षा और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम भी आयोजित करेगा। इनका मुख्य उद्देश्य पहली बार निवेश करने वाले लोगों और ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को वित्तीय बाजार के प्रति जागरूक करना है।
इस अवसर पर डाक विभाग की सचिव वंदिता कौल ने कहा कि यह सहयोग वित्तीय समावेशन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है और ‘विकसित भारत 2047’ की कल्पना को साकार करने में सहायक होगा। वहीं, स्टॉक होल्डिंग सर्विसेज लिमिटेड के एमडी और सीईओ प्रभात कुमार दुबे ने इस पहल पर खुशी जताते हुए कहा कि एसएसएल पारदर्शी पूंजी बाजार सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने और निवेशकों को सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस कार्यक्रम के दौरान राजुल भट्ट, डीडीजी (एफएस), वंदिता कौल, सचिव (डाक), और प्रभात कुमार दुबे, एमडी और सीईओ, स्टॉक होल्डिंग सर्विसेज लिमिटेड प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। यह साझेदारी भारतीय डाक को एक डिजिटल सक्षम और नागरिक-केंद्रित सेवा संस्थान के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।









