रायपुर।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ड्रग्स सिंडिकेट मामले के बाद अब एक नया और गंभीर विवाद सामने आया है। इंस्टाग्राम पर एक अकाउंट (@sinful_writer1) से ‘न्यूड पार्टी’ का एक आपत्तिजनक विज्ञापन जारी किया गया है, जिसने शहर में हड़कंप मचा दिया है। इस विज्ञापन में युवाओं को शराब, ड्रग्स और नग्नता का लालच देकर आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है।

Instagram पर वायरल हुआ आपत्तिजनक विज्ञापन
वायरल पोस्ट में आज (शनिवार) रायपुर में एक ऐसे आयोजन का दावा किया गया है, जिसमें बिना कपड़ों के एंट्री का स्पष्ट उल्लेख है। इस तरह के विज्ञापन से शहर की छवि को गहरा नुकसान पहुंचने की आशंका है और स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोग इसे शहर के माहौल को खराब करने की एक सुनियोजित साजिश बता रहे हैं।
कांग्रेस ने किया तीखा विरोध, पुलिस से कार्रवाई की मांग
कांग्रेस नेता कन्हैया अग्रवाल ने इस आयोजन का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सवाल उठाया है कि ऐसे आयोजनों को किसका संरक्षण प्राप्त है। अग्रवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “शराब, ड्रग्स परोसने के बाद अब नग्नता परोसने की बारी… आज का यह आयोजन रायपुर में कदापि नहीं होने देंगे।” उन्होंने आज एसएसपी रायपुर से मुलाकात कर पूरे मामले में कठोर कार्रवाई की मांग की और सोशल मीडिया पर ऐसे विज्ञापनों के पीछे के लोगों और उनके संरक्षकों की जांच की अपील की। कांग्रेसी नेता दोपहर में एसपी से मिलकर पार्टी रोकने की अपील करेंगे।
मंत्री ने जताई चिंता, युवाओं से की अपील
इस विवाद पर कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “इस बात की मुझे बहुत चिंता है, दुख है। आज की युवा पीढ़ी इस बात को समझ नहीं पा रही। ऋषि, मुनियों, संतों का ये देश है। इस प्रकार का आयोजन नहीं होना चाहिए, इस विषय में सोचना भी नहीं चाहिए।” मंत्री ने कांग्रेस पर हर चीज में राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर ऐसे आयोजनों को रोकने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ऐसी गतिविधियों से दूर रहें और देश की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करें। वहीं, गृहमंत्री विजय शर्मा ने मामले में कहा कि वह इसे देखेंगे और अगर ऐसा कुछ होगा तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने शुरू की जांच, आयोजकों की तलाश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी है। एसएसपी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, वायरल पोस्ट्स की सत्यता की जांच की जा रही है और आयोजकों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं। पुलिस का कहना है कि अगर ऐसा कोई आयोजन हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह विवाद अब राजनीतिक रंग ले रहा है, जहां भाजपा और कांग्रेस दोनों एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। समाजसेवी संगठनों ने भी इस पर विरोध जताया है।









