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बजट को लेकर दुर्ग में पक्ष-विपक्ष आमने-सामने, किसी ने कहा ‘क्रांतिकारी’ तो किसी ने बताया ‘कॉर्पोरेट हितैषी’

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दुर्ग/भिलाई .

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए वर्ष 2026-27 के आम बजट पर दुर्ग और भिलाई में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली है। जहां सत्ता पक्ष ने इसे ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में एक मजबूत कदम और ऐतिहासिक बताया है, वहीं विपक्ष ने इसे ‘आंकड़ों की बाजीगरी’ और ‘जनविरोधी’ करार दिया है।

विकसित भारत और आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम: गजेंद्र यादव

छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने दुर्ग जिला भाजपा कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने वाला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था ने स्थिर विकास हासिल किया है। मंत्री यादव ने बताया कि बजट में ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और ओडिशा, आंध्र प्रदेश, केरल व तमिलनाडु में ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ की स्थापना जैसे बड़े कदम उठाए गए हैं। एमएसएमई के लिए क्रेडिट गारंटी और मुद्रा लोन की सीमा बढ़ाना छोटे व्यापारियों के लिए संजीवनी का काम करेगा। शिक्षा क्षेत्र में जिला मुख्यालयों में छात्रावास और ‘दिव्यांगजन कौशल योजना’ को उन्होंने समावेशी विकास का उदाहरण बताया।

दूरदर्शी और भविष्य की नींव रखने वाला बजट: अतुल पर्वत

भाजपा युवा नेता अतुल पर्वत ने बजट को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया ‘दूरदर्शी दस्तावेज’ बताया। उन्होंने कहा कि इसमें कोई लोकलुभावन (Populist) घोषणाएं नहीं हैं, बल्कि पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर और मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दिया गया है। अतुल पर्वत ने ‘क्रिटिकल मिनरल्स’ और ‘रेयर अर्थ’ पर सरकार के फोकस को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे माइनिंग और रिसर्च में रोजगार के लाखों अवसर बनेंगे। क्लाउड कंपनियों को टैक्स हॉलीडे और एसईजेड (SEZ) नियमों में ढील जैसे कदम भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाएंगे।

‘निर्मल’ और ‘ममतामयी’ बजट: विजय बघेल

दुर्ग सांसद विजय बघेल ने बजट का स्वागत करते हुए कहा कि वित्त मंत्री के नाम के अनुरूप यह बजट ‘निर्मल’ और ‘ममतामयी’ है। उन्होंने कहा कि इसमें युवा, किसान, महिला और मध्यम वर्ग सभी का ध्यान रखा गया है। सांसद ने कहा कि यह बजट 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है, जिसमें आयकर राहत और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का संतुलन है।

विपक्ष का हमला: ‘रिफॉर्म नहीं, रिफ्रेम्ड झूठ है बजट’

दूसरी ओर, कांग्रेस के दुर्ग जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने बजट को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘रिफ्रेम्ड झूठ’ करार दिया। ठाकुर ने कहा कि सरकार ने ‘डिजिटल इंडिया’ और एआई (AI) के नाम पर युवाओं को रोजगार विहीन सपने दिखाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि माइनिंग कॉरिडोर के नाम पर जल, जंगल और जमीन को कॉर्पोरेट के हवाले करने की साजिश रची गई है। ठाकुर ने कहा कि महंगाई, एमएसपी की गारंटी और कर्ज माफी जैसे मुद्दों पर सरकार पूरी तरह खामोश है, जो किसानों और मध्यम वर्ग के साथ धोखा है।

युवाओं और बुनियादी ढांचे का ब्लूप्रिंट: रिकेश सेन

भिलाई विधायक रिकेश सेन ने कहा कि राजकोषीय घाटे को 4.3% पर सीमित रखकर सरकार ने आर्थिक अनुशासन का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि 12.2 लाख करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और कैंसर दवाओं पर कस्टम ड्यूटी हटना ऐतिहासिक फैसले हैं। सेन ने कहा कि विपक्ष केवल भ्रम फैला रहा है, जबकि यह बजट युवा शक्ति और अन्नदाता को समर्पित है।

सामूहिक सहभागिता और अन्य प्रतिक्रियाएं

दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने रूआबांधा बस्ती में कार्यकर्ताओं के साथ बजट सुना। उन्होंने इसे ‘कर्तव्य भवन’ में तैयार पहला और ऐतिहासिक बजट बताया। वहीं, रिसाली के पार्षद मनीष यादव ने कहा कि यह बजट युवाओं की आकांक्षाओं को साकार करने वाला और समावेशी विकास सुनिश्चित करने वाला है।

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